भोपाल : 10 सितंबर वर्ल्ड सुसाइड प्रिवेंशन डे की संध्या पर पर्यावरण संस्कृति संरक्षण एवं मानव कल्याण ट्रस्ट के अध्यक्ष सुशील कुमार जैन ने आज संध्या जैन स्टडी सर्कल पर बच्चों को बताया कि भारत देश की सभ्यता और संस्कृति की ताकत यहां की शिक्षा प्रणाली में गुरुकुल का होना था, जहां पर बच्चों की शिक्षा के साथ नैतिक शिक्षा, संस्कार प्रदान कर व्यक्तित्व का भी सर्वांगीण विकास किया जाता था, जिससे बच्चों में साहस, ऊर्जा, देश भक्ति व उच्च मनोबल का संवहन होता था। बच्चों को बताया कि आज हमें 10 सितंबर को वर्ल्ड सुसाइड प्रिवेंशन डे मनाने की आवश्यकता इसलिए पड़ रही है कि पहले संयुक्त परिवार हुआ करते थे, दादी-नानी की जीवन की सीखा अब गायब हो गई,आध्यात्म और विश्वास से दूरी हो गई है,संकट में साहस जुटाने का आधार कमजोर हो गया है।मोबाइल और सोशल मीडिया ‘लाइक्स’ और ‘फॉलोअर्स’ की दुनिया ने बच्चो मे अवसाद बढ़ाया है।
आज बच्चों मे कम उम्र में सब कुछ पाने की चाह, धैर्य और संघर्ष की बजाय त्वरित सुख की लालसा बढ़ गयी है ,शिक्षा और बढ़ता कॉम्पटीशन टॉप करो , सबसे आगे निकलो का दबाव बच्चों को मशीन बना रहा है।आपसी तुलना और ईर्ष्या वो आगे निकल गया, मैं क्यों नहीं? यह सोच बच्चो व युवाओं को खोखला कर रही है। साथ ही नशे की लत बच्चों व युवाओं को असमय अवसाद का कारण बन मौत के मुंह में धकेल रहे हैं ।
आत्महत्या एक देशव्यापी ज्वलंत समस्या है। वैश्विक स्तर पर भारत में आत्महत्या की दर अन्य कई देशों से अधिक है। भारत में विशेष रूप से दक्षिण के प्रांतों कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु में इनका प्रतिशत अधिक रहा है जबकि उत्तर क्षेत्र के पंजाब, हरियाणा में यह तुलनात्मक रूप से कम है। यह सुखद है कि आज के समय मे पूर्वोत्तर के नागालैंड, मिजोरम जैसे राज्यो में आत्महत्या की दर अपेक्षाकृत काफी कम है।
आज इन सब कारणों से भारत मे हर रोज औसतन 450 लोग आत्महत्या करते हैं। इनमें सालाना करीब 13,000 छात्र शामिल हैं।
यानी हर दिन 35 विद्यार्थी जीवन से हार मान रहे हैं। भारत में हर छह में से एक किशोर अवसाद से प्रभावित हो रहा है, यह हम सबके लिए चिंता का विषय बन रहा है।
इससे बचाव के लिए बच्चों से लगाकर युवाओं और महिलाओं से लेकर वरिष्ठ सदस्यों को दिनचर्या में अपनी रुचि के कार्य जैसे सैर, संगीत सुनना, बागवानी मित्रता आदि के साथ स्वास्थ्य के अनुसार दैनिक जीवन में इनडोर / आउटडोर खेल और योग तथा प्राणायाम को शामिल करना ही चाहिए। हमेशा खुश रहें, स्वस्थ रहें और कभी भी किसी अपराधबोध से ग्रस्त न होकर सदैव दृढ़ इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास से जीवन पथ पर आगे बढ़ते रहें ।
आपने बच्चों को बताया कि अपनी शिक्षा संबंधी जिज्ञासा के लिए माशिमं हेल्पलाइन 18002330175 या व्यवहारिक जीवन में अन्य किसी समस्या के लिए उमंग हेल्पलाइन 14425,चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 , से संपर्क कर सकते है।

