रिपोर्ट मदन मोहन चंदौली : नौगढ़ वन क्षेत्र में ड्रोन कैमरे से अग्रिम मृदा कार्यों की गणना, के साथ स्थलीय निरीक्षण प्रभागीय वनाधिकारी द्वारा किया गया। निरीक्षण के दौरान उप वन प्रभाग नौगढ़ अंतर्गत मझगाई रेंज एवं नौगढ़ रेंज के विभिन्न वृक्षारोपण स्थलों का सघन निरीक्षण किया गया। तथा अग्रिम मृदा कार्यों की गुणवत्ता एवं वास्तविक स्थिति का आकलन ड्रोन कैमरे के माध्यम से कराया गया। डीएफओ ने मझगाई रेंज के कुड़नवा प्रथम, कुड़नवा द्वितीय, लकड़िया बाबा, बरवाटाड़, मरहा नाला, सोडा नाला, सेमरा नाला एवं बैरगाढ़ सहित विभिन्न वृक्षारोपण स्थलों का निरीक्षण किया। इसके अतिरिक्त नौगढ़ रेंज के ठेकहा एवं बरवाटांड़ स्थलों का भी निरीक्षण कर बोनानाली (ट्रेंच) एवं गड्ढों की साथ लेकर आए ड्रोन के द्वारा डिजिटल गणना कराई गई। इस दौरान उन्होंने निर्देशित किया कि सभी अग्रिम मृदा कार्य निर्धारित मानकों एवं गुणवत्ता के अनुरूप पूर्ण कराए जाएं। ड्रोन सर्वे के माध्यम से प्राप्त आंकड़ों का विभागीय अभिलेखों से मिलान किया जाएगा तथा किसी प्रकार की कमी अथवा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। डीएफओ ने पिछले वर्ष के वृक्षारोपण स्थलों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान रोपावनी स्थल ठेकहा तथा जयमोहनी रेंज के बैरहा बंधी एवं लक्ष्मी टांड़ का जायजा लेकर पौधों की स्थिति देखी। उन्होंने संबंधित स्टाफ को नियमित निगरानी, सिंचाई एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि लगाए गए पौधों का संरक्षण बेहतर ढंग से किया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने दो पौधशालाओं का भी निरीक्षण किया। वन क्षेत्राधिकारी अमित श्रीवास्तव ने बताया कि 5 लाख पौधे तैयार किए जा रहे हैं। निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर पौधों के सूखने की स्थिति मिलने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए। नियमित निराई-गुड़ाई, सिंचाई एवं प्रिकिंग कार्य समयबद्ध ढंग से कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पौधों की गुणवत्ता एवं वृक्षारोपण कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इस अवसर पर वन दरोगा गुरुदेव सिंह, महेंद्र प्रताप चौहान, रोहित गुप्ता, वनरक्षक शिवपाल सिंह चौहान, बीरबल यादव सहित अन्य वनकर्मी उपस्थित रहे।

