(ज्ञानेश दुबे)वाराणसी : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में हॉस्टल से छात्रों को निकालने पर कुलपति व अन्य अधिकारियों का घेराव किया गया। छात्रों ने आरोप लगाया कि बिना सूचना के उन्हें निकाला जा रहा है। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में छात्रों ने हॉस्टल से निकाले जाने का विरोध किया। छात्रों ने बुधवार को कुलपति और अन्य अधिकारियों का घेराव किया। इस दौरान परिसर में काफी गहमागहमी का माहौल बना रहा।
छात्रों का आरोप है कि उन्हें हॉस्टल से जबरन बाहर निकाला गया है। वे इस कार्रवाई को गलत और अन्यायपूर्ण बता रहे हैं। विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। मौके पर पुलिस प्रशासन भी पहुंच गया। पुलिस ने मामले को शांत कराने का प्रयास किया। कुलपति ने इस संबंध में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि हॉस्टल में अवैध तरीके से रह रहे लोगों को हटाया जा रहा है। कुलपति ने यह भी स्वीकार किया कि कोई भी काम सौ फीसदी सही नहीं होता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जिन छात्रों को परेशानी आ रही है, उनकी जांच की जाएगी। उचित कार्रवाई करके समस्या का समाधान किया जाएगा।
छात्रों ने कही ये बात
छात्रों ने हॉस्टल से निकाले जाने पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। उनका कहना है कि उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के बाहर किया गया। छात्रों ने इसे मनमाना और अन्यायपूर्ण कदम बताया। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी दी। छात्रों ने हॉस्टल में रहने के अपने अधिकार पर जोर दिया।
कुलपति बोले
कुलपति ने हॉस्टल खाली कराने की कार्रवाई को वैध ठहराया। उन्होंने बताया कि केवल उन लोगों को हटाया जा रहा है जो अवैध रूप से रह रहे हैं। कुलपति ने कहा कि यह व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक है। उन्होंने प्रभावित छात्रों की शिकायतों की जांच का भरोसा दिया। कुलपति ने कहा कि उचित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

