न पहचान पत्र, न बैच नंबर और न पोस्टिंग की जानकारी,जांच में जुटी पुलिस
मिर्जापुर। जिले के कलेक्ट्रेट परिसर में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब पुलिस की वर्दी पहनकर लोगों पर रौब गांठ रहा एक युवक फर्जी इंस्पेक्टर निकला। खुद को महिला थाने में तैनात बताने वाले इस शख्स की पोल उस समय खुल गई, जब लोगों ने उससे पद, पोस्टिंग और बैच नंबर के बारे में सवाल पूछ लिए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, युवक खाकी वर्दी पहनकर पूरे आत्मविश्वास के साथ कलेक्ट्रेट परिसर में घूम रहा था और खुद को पुलिस विभाग का अधिकारी बता रहा था। उसकी गतिविधियों पर संदेह होने पर कुछ लोगों ने उसे रोककर पूछताछ शुरू की। पूछताछ के दौरान उसने खुद को महिला थाने का इंस्पेक्टर बताया, लेकिन जब उससे बैच नंबर और तैनाती से जुड़े सवाल किए गए तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।लोगों का शक उस समय और गहरा गया जब पता चला कि खुद को इंस्पेक्टर बताने वाले युवक ने कंधे पर केवल एक स्टार लगा रखा था, जबकि उसकी वर्दी भी इंस्पेक्टर की नहीं बल्कि एएसआई स्तर की थी। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने उसे पकड़ लिया और शहर कोतवाली पुलिस को सूचना दे दी।सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर थाने ले गई। तलाशी के दौरान उसके पास से कोई पहचान पत्र, नियुक्ति पत्र या पुलिस विभाग से संबंधित दस्तावेज नहीं मिला।
पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम शिवपाल बताया और खुद को प्रयागराज का निवासी बताया। उसने दावा किया कि वह किसी ड्यूटी के सिलसिले में मिर्जापुर आया था, लेकिन ड्यूटी के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे पाया।पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है। वह कलेक्ट्रेट परिसर में किस मकसद से आया था और क्या उसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या साजिश है, इसकी भी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।फर्जी इंस्पेक्टर के पकड़े जाने की घटना दिनभर कलेक्ट्रेट परिसर में चर्चा का विषय बनी रही। लोगों के बीच यही सवाल गूंजता रहा कि आखिर खाकी का रौब दिखाकर यह युवक क्या हासिल करना चाहता था।

