पानी पेड़ बचाओ अभियान की बैठक में पर्यावरण संरक्षण और वनाधिकारों की रक्षा की उठी मांग
(ऋषभ सिंह)सोनभद्र,। विकास परियोजनाओं के नाम पर हो रही अंधाधुंध जंगल कटाई, बढ़ते औद्योगिक प्रदूषण और आदिवासी समुदायों के सामने खड़े हो रहे संकट को लेकर पानी पेड़ बचाओ अभियान की एक बैठक बुधवार को तहसील परिसर में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अभियान के सह संयोजक राजेश कुमार यादव (अधिवक्ता) ने की।
बैठक को संबोधित करते हुए अभियान के संयोजक एवं वरिष्ठ अधिवक्ता पवन कुमार सिंह ने कहा कि जनपद में पहले से संचालित औद्योगिक इकाइयों तथा नई विकास परियोजनाओं के लिए हजारों पेड़ों की कटाई की जा चुकी है। इससे पर्यावरणीय संतुलन गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक प्रदूषण का असर आम नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन पर भी लगातार पड़ रहा है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
अभियान के क्षेत्रीय संयोजक टीटू प्रसाद गुप्ता ने कहा कि जंगलों का विनाश केवल पर्यावरण का मुद्दा नहीं, बल्कि जल, जंगल और जमीन पर आश्रित आदिवासी समुदायों के अस्तित्व से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि सोनभद्र के गोंड, बैगा, खरवार सहित अन्य आदिवासी समुदाय अपनी आजीविका, संस्कृति और परंपराओं के लिए जंगलों पर निर्भर हैं, लेकिन लगातार हो रही वन कटाई के कारण वे अपने पारंपरिक संसाधनों से वंचित होते जा रहे हैं। कई क्षेत्रों में रोजगार और संसाधनों के अभाव में पलायन जैसी गंभीर स्थिति भी उत्पन्न हो रही है।
बैठक में वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण, वन संपदा के संरक्षण तथा आदिवासी समुदायों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही विकास योजनाओं को पर्यावरणीय संतुलन और स्थानीय समुदायों के हितों को ध्यान में रखकर लागू करने की मांग की गई।
बैठक में रमेश चंद्र सिंह, सुरेश सिंह कुशवाहा, रियाज खान, शाहनवाज आलम खान, आदर्श देव पांडेय, जितेंद्र कुमार, राजकुमार पटेल, अनूप कुमार शुक्ला, सुरेश सिंह पटेल, विजय बहादुर सिंह, कामता प्रसाद यादव सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

