ग्राम खारी पर्यटकों के लिए विलेज लाइफ का आनंद
भोपाल : पर्यावरण संस्कृति संरक्षण एवं मानव कल्याण ट्रस्ट के अध्यक्ष सुशील कुमार जैन ने बताया कि किसी भी देश की आर्थिक संपन्नता समृद्धि का मुख्य स्रोत वहा की ऐतिहासिक धरोहर, पर्यटन एवं प्राकृतिक संसाधन होते हैं। या और विस्तार से समझे तो वहां के लोगों का अनुशासित जीवन और ईमानदारी वहां के पर्यटन में चार चांद लगा देती है ।भारत का हृदय प्रदेश मध्यप्रदेश अप्रतिम सौंदर्य से समृद्ध प्रदेश है। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि मध्यप्रदेश सर्वाधिक सम्मोहित करने वाला राज्य है। इसके कण-कण में सौंदर्य है। जो एक बार आता है यहां की स्मृतियों के सम्मोहन में बंधकर बार-बार आता है। मध्यप्रदेश में हर आयु के पर्यटकों आकर्षित करने की क्षमता है।

आज युवाओं में टूरिज्म का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। इनमें भी युवा, दंपति, परिवार अब गांवों को एक्सप्लोर कर रहे हैं। यही वजह है कि मप्र टूरिज्म विभाग भी इसी दिशा में तेजी से काम कर रहा है और गांवों में होमस्टे शुरू किए जा रहे हैं ताकि टूरिस्ट वहां जाएं और होमस्टे में रुककर गांव के वातावरण का आनंद ले सकें। इस पहल का नतीजा यह है कि भोपाल से करीब 28 किमी दूर सीहोर जिले का खारी गांव नए पर्यटन स्थल के रूप में उभरा है। गांव में लगभग 10 होमस्टे शुरू हो चुके हैं । इन होमस्टे को बनाने मे खास बात यह है कि ये ईंट, पत्थर, मिट्टी, लकड़ी और खपरैल से बने हैं। दीवारों को गाय के गोबर से लीपा गया है, जो ग्रामीण संस्कृति की झलक प्रस्तुत करता है। यहां पर्यटकों का स्वागत भारतीय संस्कृति के अनुसार किया जाता है।
मध्य प्रदेश में सांची, खजुराहो और भीमबेटका जैसी विश्वविख्यात धरोहर हमारी वैश्विक सांस्कृतिक पहचान है। इसके अलावा नर्मदा परिक्रमा, गोंड चित्रकला और भगोरिया उत्सव भी पर्यटन के नक्शे पर प्रमुखता से उभरे हैं। मध्यप्रदेश ऐसा अग्रणी राज्य बन गया है, जिसने सबसे ज्यादा 18 स्थलों को विश्व विरासत सूची में शामिल करने की पहल की है।


