भ्रष्टाचार के खिलाफ सभासदों का धरना तीसरे दिन जारी

-आंदोलन के तीसरे दिन नगर पंचायत के संविदा कर्मचारियों का समर्थन

12 ओबरा 1 धरने पर बैठे सभासदों को समर्थन पत्र देते संविदा कर्मचारी

ओबरा/सोनभद्र (जनवार्ता)। नगर पंचायत ओबरा में व्याप्त भ्रष्टाचार से नाराज सभासदों का धरना तीसरे दिन बुधवार को भी जारी रहा। इस दौरान अध्यक्ष तथा अधिशासी अधिकारी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। वही मौके पर पहुंचे दर्जनों संविदा सफाई कर्मचारियों ने अपना समर्थन पत्र सभासदों को सौंपते हुए सफाई कार्य बहिष्कार की बात कही। मौके पर सभासद अध्यक्ष राकेश मिश्रा ने कहा कि विगत तीन दिनों से आंदोलन करने के पश्चात भी जिला प्रशासन मौन धारण किए हुए हैं। यह कहीं से भी न्याय संगत नहीं है। उत्तर प्रदेश सरकार की स्वच्छ छवि होने के पश्चात भी ओबरा नगर पंचायत अध्यक्ष द्वारा बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार व घोटाला किया जा रहा है।बार-बार मामले की जांच कराए जाने के साथ वित्तीय अधिकार पर रोक लगाये जाने की मांग 11 सभासदों द्वारा की जा रही है। बावजूद इसके सक्षम अधिकारी उदासीन रवैया अपनाए हुए हैं। कहा कि इस भीषण गर्मी में 45 डिग्री के तापमान में सभासद पूरे दिन

नगर पंचायत कार्यालय के समक्ष धरना रत हैं। ऐसी स्थिति में किसी के साथ कोई भी घटना घटने पर पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। मांग किया कि 13 जून 2023 से 31 मार्च 2024 तक किए गए भुगतान का विवरण उपलब्ध कराया जाए। राज्य वित्त 15वां वित्त के द्वारा कराए हुए कार्यों का विवरण एवं भुगतान की स्थिति बताई जाए। आउटसोर्सिंग पर रखे गए 212 कर्मचारियों की सूची सार्वजनिक किया जाए। प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों से की जा रही अवैध धन उगाही की जांच कराई जाए। वार्ड 1,3, 18 एवं 14 में नालों की सफाई को लेकर दो बार किए गए फर्जी भुगतान की जांच करायी जाए। दूसरी और संविदा सफाई कर्मचारियों ने कहा कि अध्यक्ष व अधिशासी अधिकारी द्वारा प्रदेश सरकार द्वारा जारी निर्देश के बावजूद भी मनमाने तरीके से हाजिरी दी जा रही है। इसके चलते संविदा कर्मियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।सभासदों ने जिलाधिकारी से मांग किया कि पूरे मामले की जांच कराकर सार्थक कार्यवाही की जाए। अन्यथा की स्थिति में सभी उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। आंदोलन के समर्थन में
सभासद अजीत कनौजिया,संजय कुमार कनौजिया, राजू साहनी, राकेश कुमार, अरशद हुसैन, निर्मला देवी, मधु देवी शुक्ला, ज्ञानमती सिंह, आशा देवी, निलम राव, संविदा कर्मी अजय, राजेश,पप्पू,विजय,सूरज, बबलू,राहुल,संजय,पवन, गुड्डू, राजन सहित लगभग चार दर्जन कर्मचारी शामिल रहे।

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