चकाड़ी गांव के ग्रामीणों द्वारा मूलभूत समस्याओं को लेकर किया विरोध प्रदर्शन।

(रँगेश सिंह)सोनभद्र : जिले के ओबरा क्षेत्र के ग्राम पंचायत पनारी ग्राम के चकाड़ी गांव के ग्रामीणों ने ओबरा तापीय परियोजना से निकलने वाली राख से परेशान होकर विरोध प्रदर्शन किया। ओबरा तापीय परियोजना के द्वारा चकाड़ी गांव में बनाए गए ऐस डैम से लीकेज द्वारा गीली राख के खेतों और ग्रामीणों के घरों में पहुंचने से खेतों में फसल के बर्बाद होने और शुद्ध पीने योग्य पानी के प्रदूषित होने के कारण लगातार बच्चों और बुजुर्गों के बीमार होने से गुस्साए ग्रामीणों ने परियोजना के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।

वही गांव में मूलभूत समस्याओं को लेकर ग्रामीणों द्वारा जिले के आला अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए जल्द पीने योग्य पानी, सड़क और अस्पताल की मांग किया।ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 10 दिन के अंदर परियोजना के अधिकारी इस समस्या का समाधान नहीं करेंगे तो हम लोग डीएम कार्यालय का घेराव करेंगे जिसकी जिम्मेदारी परियोजना के जिम्मेदार अधिकारियों की होगी। इस मामले की जानकारी उप जिलाधिकारी ओबरा को पहले ही दी जा चुकी है।

विरोध प्रदर्शन की अगुआई कर रहे ग्राम सेवा समिति के अध्यक्ष शिवदत्त दुबे ने कहा कि ओबरा तापीय परियोजना की राखवाली पाइप फटने से चकाड़ी गांव की जनता व रहवासियों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। राख की वजह से ग्रामीणों का खेत बर्बाद हो जा रहा है उन खेतों में फैसले नहीं पैदा हो रही है जिससे ग्रामीण अपने खेतों को बर्बाद होता देख आज गुस्से में प्रदर्शन कर सरकार से राख की समस्या को जल्द दूर करने की मांग की है।

रविंद्र सिंह यादव ने कहा कि आए दिन राख जाने वाली पाइप फट जाती है जिसके वजह से यहां के रहवासियों के घर में दूषित पानी घुस जाता है उनकी फसल नष्ट हो जाती है । इस राख युक्त पानी से कुएं और हैंडपंप के पास प्रदूषित हो जा रहे हैं। पीने के लिए शुद्ध पानी तक मुहैया नहीं हो पता है तेज हवा चलने पर राख की वजह से सांस लेने में समस्या उत्पन्न होती है। परियोजना के तरफ से ना तो यहां कोई हॉस्पिटल का मुहैया कराया गया ना तो स्वच्छ पानी का मुहैया कराया गया है और ना ही कोई आने जाने का सड़क बनवाया गया है। हमारी मांग है कि सरकार जल्द इस समस्या को दूर करे।

वही स्थानीय ग्रामीण महिलाओं का आरोप है कि इस राखी बंधी के लीकेज होने से हमारे खेत बर्बाद हो गए हैं फसल नहीं उग रही है बड़े बड़े फलदायक वृक्ष सुख गए वही पीने के शुद्ध पानी भी बहुत दूर नहीं से लाना पड़ रहा है। हमारे बच्चे और बुजुर्ग इस प्रदूषित पानी को पीकर बीमार हो रहे हैं। समस्या का समाधान नहीं होगा तब तक हम लड़ाई लड़ेंगे इस आंदोलन करेंगे।

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