(रँगेश सिंह)सोनभद्र : एनएसयूआई के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय सचिव राघवेंद्र नारायण ने कहा कि प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ के दौरान मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर संगम तट पर मची भगदड़ से पूरा देश दुखी है। महाकुंभ में हुई भगदड़ की घटना पर गहरी चिंता जताते हुए शासन और प्रशासन की व्यवस्थाओं पर राघवेंद नारायण ने सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि महाकुंभ मेले की अव्यवस्था और उत्तर प्रदेश सरकार की विफलताओं को उजागर करती है। योगी सरकार ने महाकुंभ के आयोजन में खर्च होने वाले पैसे का अधिकांश हिस्सा अपनी ब्रांडिंग और प्रचार- प्रसार पर लगाया, न कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था पर। यह सरकार की संवेदनहीनता को स्पष्ट रूप से दिखाता है। इस घटना में कई लोगों की जान चली गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जो बेहद दुखद है। उन्होंने शोकाकुल परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
कह कि प्रशासन ने आम श्रद्धालुओं की सुरक्षा और जरूरतों की बजाय VIP मूवमेंट पर ज्यादा ध्यान दिया। जिसकी वजह से इस तरह की भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हुई। उन्होंने कहा कि महाकुंभ जैसे आयोजन में प्रशासन को आम श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखना चाहिए था। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु इस कठिन समय में संयम और धैर्य से काम लें और शांतिपूर्वक अपनी तीर्थयात्रा संपन्न करें। इस दुखद घटना में पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।
राघवेंद्र नारायण ने कहा कि हम मृतकों की आत्मा की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं। साथ ही, सरकार से अपील करते हैं कि मृतकों के परिवारों को 1 करोड़ मुआवजा दिया जाए और घायलों को मुआवजे के साथ उचित इलाज की व्यवस्था की जाए।

