ओबरा में निर्माणाधीन सी परियोजना की दूसरी यूनिट भी सफलता पूर्वक पूर्ण लोड पर चालू , प्रदेश को अब 1320 मेगावॉट अतिरिक्त बिजली मिलेगी

(रँगेश सिंह)सोनभद्र : ओबरा सी परियोजना उत्तर प्रदेश में ऊर्जा उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए एक महत्वाकांक्षी पहल है। 660 मेगावाट की यूनिट दो का पूर्ण लोड पर आना राज्य की बिजली आपूर्ति को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा। इससे न केवल औद्योगिक विकास को गति मिलेगी, बल्कि आम जनता को भी बेहतर और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।

यूपी के सोनभद्र जिले के ओबरा में दिनांक 22.दिसंबर 2016 को प्रारम्भ हुए 2×660मे0वा0 ओबरा ‘सी’ परियोजना के निर्माण कार्यों के अन्तर्गत ओबरा ‘सी’ परियोजना की द्वितीय इकाई, इं0 आर0के0 अग्रवाल, मुख्य महाप्रबन्धक, ओबरा एवं इं0 एस0के0 सिंघल, मुख्य अभियन्ता (स) के कुशल निर्देशन में आज 16.जून 2025 की रात्रि 08.15 बजे वाणिज्यिक भार (COD) प्राप्त की। सूच्य है कि इसके पूर्व यह इकाई दिनांक 19.मई 2025 के रात्रि 08.40 बजे पूर्ण लोड पर चला ली गयी थी। इसके पूर्व इस इकाई का ब्वायलर हाइड्रो टेस्ट 30.मार्च 2024 को, ब्वायलर लाईट-अप 31.मार्च 2024 को तथा ग्रिड से समकालन 06.मार्च 2025 को कर लिया गया था।

गौर तलब है कि अभी 30 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा सी परियोजना की 669 मेगावाट की पहली इकाई का उद्घाटन किया गया था।

बता दें कि कोविड महामारी के कारण परियोजना में हुई देरी के बावजूद, इस महत्वपूर्ण परियोजना को शीघ्रता से पूर्ण करने के लिए उ0प्र0 शासन एवं निगम मुख्यालय स्तर से लगातार निगरानी और निर्देश प्रदान किए जा रहे थे। इकाई के पूर्ण लोड पर संचालन से राज्य को 660 मेगावाट अतिरिक्त विद्युत उपलब्ध होगी तथा ओबरा परियोजना प्रदेश की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में एक बार पुनः महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

सूच्य है कि ओबरा ‘सी’ परियोजना की इकाई संख्या एक 09. फरवरी 2024 से वाणिज्यिक भार पर परिचालित है। द्वितीय इकाई के पूर्ण लोड पर परिचालन के समय मुख्य महाप्रबन्धक इं0 आर0के0 अग्रवाल, महाप्रबन्धक इं0 एस0के0 सिंघल, अधीक्षण अभियन्ता इं0 संजय पटेल, अधिशासी अभियन्तागण इं0 रिंकेश कुमार, इं0 अवधेश कुमार, इं0 सुमन्त गौतम, इं0 अखिलेश कुमार, इं0 चैतन्य कौशल, इं0 संजीव यादव के साथ-साथ अन्य निगमीय तथा डीपीएसआई के कार्मिक उपस्थित रहे।

दोनो इकाइयों के पूर्ण रूप से शुरू होने से प्रदेश को कुल 1320 मेगावाट बिजली मिलेगी जिससे प्रदेश में विद्युत कटौती पर कम हो जाएगी।

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