मीरजापुर : विंध्याचल परिक्षेत्र की पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) “पूनम” ने गुरुवार को परिक्षेत्रीय कार्यालय से गूगल मीट के माध्यम से एक उच्चस्तरीय वर्चुअल समीक्षा बैठक की। बैठक में परिक्षेत्र के समस्त पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारीगण शामिल हुए। डीआईजी ने अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था और आगामी त्योहारों व परीक्षाओं की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।
लंबित विवेचनाओं के लिए ‘अलार्म’ सिस्टम का सुझाव
डीआईजी ने लंबित विवेचनाओं के निस्तारण को लेकर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने निर्देशित किया कि 60 और 90 दिनों से अधिक समय से लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाए। डीआईजी ने जिलों में ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया, जिसमें 40-50 दिन और 70-80 दिनों की अवधि पर ही रिमाइंडर (अलार्म) मिल सके, ताकि विवेचनाएं समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से निस्तारित हों।
यक्ष एप और ई-साक्ष्य पर रहेगा फोकस
बैठक में अपराधियों की निगरानी के लिए बनाए गए ‘यक्ष एप’ की समीक्षा करते हुए डीआईजी ने आदेश दिया कि सक्रिय और आदतन अपराधियों का नियमित सत्यापन किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीट सूचनाओं पर थाना प्रभारियों से लेकर क्षेत्राधिकारी स्तर तक त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने ई-साक्ष्य आधारित विवेचनाओं और ई-सम्मन की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए।
साइबर अपराधों पर प्रहार NCRP पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण पर जोर देते हुए डीआईजी ने कहा कि धोखाधड़ी की धनराशि को ‘गोल्डन टाइम’ में ही लीन (Freeze) कराया जाए। साथ ही, प्रतिदिन अधिक से अधिक मोबाइल नंबर और आईएमईआई (IMEI) को ब्लॉक कराने तथा आईटी एक्ट के लंबित मामलों को जल्द निपटाने के निर्देश दिए गए।
परीक्षाओं की शुचिता और त्योहारों पर सुरक्षा का पहरा
आगामी परीक्षाओं को लेकर डीआईजी ने कहा कि परीक्षाएं पूरी तरह से शांतिपूर्ण, पारदर्शी और शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न होनी चाहिए। फर्जीवाड़े की किसी भी सूचना पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई। वहीं, आगामी त्योहारों के मद्देनजर उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपने-अपने थाना क्षेत्रों में धर्मगुरुओं के साथ पीस कमेटी की बैठक करें। अराजक तत्वों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाई करने और छोटी-से-छोटी घटना को भी गंभीरता से लेने के स्पष्ट निर्देश दिए गए।

