सोनभद्र पुलिस का बड़ा धमाका: ब्लैकमेलिंग कर आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले ‘राजस्थान गैंग’ के 5 गिरफ्तार

रॉबर्ट्सगंज सोनभद्र : सोनभद्र पुलिस ने साइबर अपराधियों के एक ऐसे खतरनाक गिरोह का पर्दाफाश किया है जो लोगों को अश्लील वीडियो और फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर ब्लैकमेल करता था। इस गैंग के उत्पीड़न से तंग आकर जनपद के एक व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली थी। पुलिस अधीक्षक (SP) अभिषेक वर्मा के निर्देशन में काम कर रही संयुक्त टीम ने राजस्थान के अलवर से पांच शातिर अपराधियों को दबोचा है।

क्या था मामला?

बीते 29 अप्रैल को अंकिता पाठक ने एसपी सोनभद्र को शिकायती पत्र दिया था। उन्होंने बताया कि उनके पति राजेंद्र पाठक ने 7/8 अप्रैल की रात अपने नवनिर्मित मकान में सुसाइड कर लिया था। शुरुआती जांच में कारण स्पष्ट नहीं थे, लेकिन जब परिजनों ने मृतक का मोबाइल चेक किया तो रोंगटे खड़े कर देने वाली सच्चाई सामने आई। अज्ञात अपराधी राजेंद्र को लगातार धमका रहे थे और उनसे मोटी रकम की मांग कर रहे थे। मृतक ने डर के मारे कई बार पैसे भी ट्रांसफर किए थे, लेकिन ब्लैकमेलिंग रुकने का नाम नहीं ले रही थी।

जाँच और गिरफ्तारी की कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना रॉबर्ट्सगंज में धारा 108 और 308(5) BNS के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों (इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस) से पता चला कि धमकी भरे कॉल और चैट राजस्थान के अलवर से किए जा रहे थे। पैसा महाराष्ट्र के बैंक खातों में मंगाया जा रहा था।निकासी राजस्थान के भिवाड़ी क्षेत्र से हो रही थी।
साइबर थाना प्रभारी धीरेंद्र कुमार चौधरी और एसओजी प्रभारी नागेश सिंह की टीम ने राजस्थान में छापेमारी कर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने अभियुक्तों के पास से 5 मोबाइल फोन, 2 एटीएम कार्ड और ₹6000 नगद बरामद किए हैं। आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे संगठित होकर लोगों को फंसाते थे और ब्लैकमेलिंग से मिली रकम पर 20% तक कमीशन लेते थे।एसपी का संदेश: साइबर अपराधियों के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा। किसी भी अंजान वीडियो कॉल या धमकी से डरें नहीं, तत्काल नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर सेल को सूचित करें।

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