शशि चौबे (अहिंसा एक्सप्रेस) डाला (सोनभद्र) देश के उतरी भारतीय क्षेत्र मे जहां महिलाओं का प्रमुख त्योहार डाला छठ कल से नहाए खाए के साथ कल से शुरू होने जा रहा है। जिसको लेकर क्षेत्र के विभिन्न तालाबों की साफ सफाई के साथ घाटों का मरम्मत भी किया जा रहा है वही व्रत रखने वाले परिवारों के लोग घाटों पर पहुंचकर बेदी बनाने का कार्य भी कर रहे हैं बता दें कि डाला छठ महिलाओं के त्योहारों में सबसे कठिन पर्व माना जाता है जिसमें महिलाएं चार दिनों तक व्रत के साथ डूबते सूरज और उगते सूरज को अर्ग देकर अपने व्रत का समापन करती है इस दौरान भारतीय संस्कृति में खान-पान के सभी फल सब्जियों का पूजन किया जाता है छठ पूजा को लेकर डाला परिक्षेत्र के बारी में पोखरा, सेवा सदन नयी बस्ती, डाला बाजार ,कुरदहवा नाला ,काली मंदिर सेक्टर बी, डाला चढ़ाई ,तेलगुडवा,कोटा गुरमुरा में बड़ी संख्या में व्रती महिलाओं की उपस्थित होती रही है इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भी भीड़ उपस्थित होती है जिसको लेकर स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कमर कस ली है। स्थानीय प्रशासन भी साफ सफाई में भी लग गई हालांकी डाला नगर पंचायत के द्वारा कुरदहवा नाले कि साफ सफाई कि हिला हवाली को लेकर स्थानीयो के विरोध के बाद ओबरा एडिएम ने मौके पर निरीक्षण कर कार्य को सही व तेज गति से करने को निर्देशित किया है। क्षेत्र के आदिवासी अंचल गुरमुरा में स्थित पोखरे पर होने वाले छठ पूजा को लेकर हमेशा से बड़ी भीड़ उपस्थित होती रही है। जहा सभी व्रती परिवारो पुजन सामाग्री के साथ फल वितरण स्थानीय समिति के द्वारा वर्षो से किया जाता रहा है। जो भारी भीड को लेकर हमेशा से चर्चा मे होता है।

