1.20 लाख में नाबालिग की खरीद-फरोख्त का सनसनीखेज खुलासा: मानव तस्करी गिरोह का एक और आरोपी गिरफ्तार

जबरन विवाह कराने की साजिश में था शामिल, दुष्कर्म के पुराने मुकदमे में भी है आरोपित; सोनभद्र पुलिस की लगातार कार्रवाई से गिरोह पर कसता शिकंजा


(ऋषभ सिंह)सोनभद्र। मानव तस्करी और नाबालिग बालिका की खरीद-फरोख्त के चर्चित मामले में सोनभद्र पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (AHT) यूनिट और थाना रॉबर्ट्सगंज पुलिस की संयुक्त टीम ने करीब ₹1.20 लाख में नाबालिग बालिका की खरीद कर जबरन विवाह कराने वाले गिरोह के एक और फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ पहले से दुष्कर्म का मुकदमा भी न्यायालय में विचाराधीन है।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने लगातार दबिश, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर अमित कुमार निवासी पक्की सराय, थाना सासनीगेट (अलीगढ़) को रेलवे स्टेशन सोनभद्र स्थित बीएसएनएल गेट के पास से गिरफ्तार किया।


जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा


पुलिस विवेचना और पीड़िता के न्यायालय में दर्ज बयानों से सामने आया कि नाबालिग बालिका को मानव तस्करी के जरिए अलीगढ़ ले जाकर ₹1.20 लाख में खरीदा गया और उसके बाद उसका जबरन विवाह कराया गया। इस दौरान पीड़िता के साथ गंभीर शोषण भी किया गया।
पूछताछ में कबूला अपराध
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने अपने पिता अशोक पंडित तथा अन्य सहआरोपियों के साथ मिलकर नाबालिग की खरीद की थी और अपने छोटे भाई से जबरन शादी कराई। मुकदमा दर्ज होने के बाद वह पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए लगातार फरार चल रहा था।


पहले से दुष्कर्म का आरोपी


पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार अमित कुमार के खिलाफ वर्ष 2018 में थाना सासनीगेट (अलीगढ़) में दुष्कर्म, मारपीट और जान से मारने की धमकी का मुकदमा दर्ज है। उस मामले में आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल हो चुका है और मुकदमा विचाराधीन है।


गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी


पुलिस का कहना है कि मानव तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। जल्द ही पूरे गिरोह के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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