जयमोहनी रेंज में हरियाली का महाअभियान: 40 हेक्टेयर में विकसित होंगे 3 मॉडल उपवन, हर पौधे को मिलेगा ‘जीवनदान’

झुमरिया, मरवटिया और नौडीहवा बनेंगे मॉडल वृक्षारोपण केंद्र, टैंकरों से सिंचाई और वाचरों की निगरानी से होगी पौधों की सुरक्षा


रिपोर्ट: मदन मोहन नौगढ़ चंदौली। वृहद वृक्षारोपण महाअभियान-2026 के तहत वन प्रभाग रामनगर की जयमोहनी रेंज में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ी पहल शुरू की गई है। रेंज के 40 हेक्टेयर क्षेत्र में किए गए वृक्षारोपण को अब तीन मॉडल वृक्षारोपण केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए झुमरिया, मरवटिया और नौडीहवा में पौधों की सुरक्षा, नियमित सिंचाई और वैज्ञानिक निगरानी की व्यापक व्यवस्था लागू कर दी गई है, ताकि लगाए गए प्रत्येक पौधे को सुरक्षित रखकर उसे विशाल वृक्ष बनाया जा सके।
मंगलवार को प्राथमिक विद्यालय मरवटिया में वन क्षेत्राधिकारी अमित कुमार श्रीवास्तव ने ग्राम प्रधान ब्रह्मा वनवासी की अध्यक्षता में ग्रामीणों के साथ जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया। उन्होंने ग्रामीणों से पौधों की सुरक्षा में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि वृक्षारोपण केवल वन विभाग का नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। प्रत्येक परिवार अपने खेत की मेड़ पर कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे, तभी हरित वातावरण का सपना साकार होगा।
सामाजिक वानिकी योजना के अंतर्गत झुमरिया में 20 हेक्टेयर, जबकि मरवटिया और नौडीहवा में 10-10 हेक्टेयर क्षेत्र में आम, महुआ, इमली, अमरूद, चिलबिल और जंगल जलेबी सहित विभिन्न फलदार एवं छायादार प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। इस अभियान में जनप्रतिनिधियों, महिलाओं, युवाओं, स्वयंसेवी संस्थाओं और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।
वन विभाग ने पौधों की अधिकतम जीवितता सुनिश्चित करने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की है। सभी मॉडल केंद्रों पर टैंकरों के माध्यम से नियमित सिंचाई की जाएगी, जबकि पौधों को मवेशियों और अन्य नुकसान से बचाने के लिए विशेष वाचरों की तैनाती की गई है। साथ ही समय-समय पर निराई-गुड़ाई, खाद और अन्य आवश्यक देखभाल भी वैज्ञानिक तरीके से कराई जाएगी।
वन क्षेत्राधिकारी अमित कुमार श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक स्थल की नियमित मॉनिटरिंग होगी और पौधों के संरक्षण में किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि जयमोहनी रेंज के ये तीनों मॉडल उपवन भविष्य में पूरे चंदौली जिले के लिए पर्यावरण संरक्षण की मिसाल बनेंगे और “हर पौधा बने वृक्ष” का संकल्प साकार करेंगे।

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