मिड-डे मील खुद खाकर अधिकारियों ने परखी भोजन की गुणवत्ता

सोनभद्र। जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ के निर्देश पर जिले में परिषदीय एवं अन्य विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं की जमीनी हकीकत परखने के लिए अधिकारियों ने सघन निरीक्षण अभियान चलाया। तहसीलदार, नायब तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी, एडीओ पंचायत एवं खंड शिक्षा अधिकारियों ने विद्यालयों में पहुंचकर पठन-पाठन, छात्र उपस्थिति, मिड-डे मील समेत विभिन्न व्यवस्थाओं का स्थलीय सत्यापन किया।
जिलाधिकारी द्वारा 19 अगस्त को आयोजित समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के क्रम में अधिकारियों को प्रत्येक सप्ताह कम से कम पांच विद्यालयों का निरीक्षण कर निर्धारित प्रारूप में रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसी के तहत विद्यालयों में नियमित निरीक्षण की कार्रवाई की जा रही है।

कक्षाओं में पहुंचकर बच्चों से किया संवाद

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कक्षाओं में पहुंचकर छात्र-छात्राओं से संवाद किया और उनके शैक्षणिक स्तर, उपस्थिति तथा पठन-पाठन की स्थिति की जानकारी ली। शिक्षकों द्वारा कराए जा रहे शिक्षण कार्य का भी जायजा लिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बच्चों की शिक्षा और उपस्थिति में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अधिकारियों ने खुद खाया मिड-डे मील

विद्यालयों में मिड-डे मील की गुणवत्ता परखने के लिए अधिकारियों ने बच्चों के लिए तैयार भोजन को स्वयं ग्रहण किया। भोजन के स्वाद, गुणवत्ता और स्वच्छता की जांच के साथ ही भोजन तैयार करने एवं वितरण की व्यवस्था भी देखी गई। शिक्षकों और रसोइयों को निर्देश दिया गया कि बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पौष्टिक, गुणवत्तापूर्ण एवं स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराया जाए।
पेयजल, शौचालय और बिजली व्यवस्था भी जांची
निरीक्षण के दौरान विद्यालयों में पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था, साफ-सफाई, कक्ष-कक्षों की स्थिति सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी जायजा लिया गया। विद्यालय परिसर में स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों और शिक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ के निर्देशन में चल रहे इस नियमित निरीक्षण अभियान का उद्देश्य विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था की लगातार निगरानी के साथ छात्र-छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक माहौल और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि विद्यालयों की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और बच्चों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता दी जाए।

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