रिपोर्ट मदन मोहन चंदौली : नौगढ़ क्षेत्र का। एक तरफ जहां दुनिया डिजिटल क्रांति और आधुनिकता की बात कर रही है, वहीं दूसरी तरफ चन्दौली का एक ऐसा गांव भी है जो आजादी के 78 साल बीत जाने के बाद भी रोशनी की एक-एक किरण को तरस रहा है। तहसील नौगढ़ के ग्राम पंचायत चिकनी (कसबा औरवाटांड) के ग्रामीण आज भी 18वीं सदी जैसी जिंदगी जीने को मजबूर हैं। गांव में अब तक विद्युतीकरण न होने से तंग आकर ग्रामीणों ने भीम आर्मी के बैनर तले जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।
सांप-बिच्छू का डर और बच्चों का भविष्य ‘अंधकारमय’
भीम आर्मी के जिला संयोजक रामचन्द्र राम के नेतृत्व में सौंपे गए पत्र में ग्रामीणों का दर्द छलक पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि शाम ढलते ही पूरा गांव सन्नाटे और खौफ के आगोश में समा जाता है। रात के अंधेरे में जहरीले जीव-जंतुओं के काटने का खतरा बना रहता है। बिजली न होने का सबसे बड़ा खामियाजा गांव के बच्चों को भुगतना पड़ रहा है, जिनकी पढ़ाई पूरी तरह ठप पड़ी है और उनका भविष्य अंधकार में डूब रहा है।

तहसील दिवस से लेकर चौखटों तक… सिर्फ आश्वासन का ‘अंधेरा’
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ऐसा नहीं है कि उन्होंने अपनी आवाज नहीं उठाई। इससे पहले भी कई बार ‘तहसील दिवस’ और प्रशासनिक अफसरों के सामने गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन हर बार फाइलें दफ्तरों की धूल चाटती रहीं और गांव वालों को सिर्फ आश्वासन मिला, बिजली नहीं।
जिलाधिकारी से तुरंत एक्शन की मांग
भीम आर्मी और ग्रामीणों ने जिलाधिकारी चन्दौली से मांग की है कि इस गंभीर प्रकरण की तुरंत निष्पक्ष जांच कराई जाए और गांव में युद्ध स्तर पर विद्युतीकरण का कार्य शुरू कराया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि अगर जल्द ही गांव में बल्ब नहीं जले, तो वे अपनी लड़ाई को और तेज करने के लिए बाध्य होंगे।
ज्ञापन सौंपने के दौरान छविनाथ, सत्यनारायण, अनिल कुमार, हंसलाल, सुरेंद्र कुमार, बिजेंद्र, बब्लू, कमलेश, रामायण, राजेश, लालाजी, बूलार, लालधारी, विश्वनाथ, संतोष और रामसूरत समेत दर्जनों ग्रामीण उपस्थित रहे।

