प्रशासन बेपरवाह, जनता लाचार,सपा का 2 हफ्ते का अल्टीमेटम
(राहुल गुप्ता)चुनार,मिर्जापुर। स्थानीय क्षेत्र में लंबे समय से बंद पड़े पोस्टमार्टम हाउस को लेकर अब मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जनहित से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने खुलकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सपा कार्यकर्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा और जोरदार विरोध दर्ज कराते हुए पत्रक सौंपा।
सौंपे गए पत्रक में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि पिछले कई महीनों से चुनार स्थित पोस्टमार्टम हाउस बंद पड़ा है। प्रशासन की ओर से यह दलील दी गई कि कंप्यूटर सिस्टम की कमी के चलते कार्य प्रभावित है, लेकिन अब कंप्यूटर उपलब्ध होने के बावजूद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू नहीं कराई जा रही है।
मौत के बाद भी भटक रही जनता
सपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम हाउस बंद होने के कारण चुनार, जमालपुर, अदलहाट, अहरौरा सहित कई थाना क्षेत्रों से आने वाले शवों को पोस्टमार्टम के लिए मिर्जापुर भेजना पड़ता है। इससे पीड़ित परिवारों को आर्थिक बोझ के साथ-साथ मानसिक पीड़ा का सामना करना पड़ रहा है।कई मामलों में पोस्टमार्टम में देरी होने से अंतिम संस्कार भी देर से हो पा रहा है, जिससे आक्रोश और बढ़ रहा है।गरीब परिवारों पर डबल मार — खर्च भी, दर्द भी!
यह सिर्फ सुविधा नहीं, जनता का अधिकार है
कार्यकर्ताओं ने कहा कि पोस्टमार्टम हाउस जैसी मूलभूत सुविधा का बंद होना प्रशासन की संवेदनहीनता को दर्शाता है। यह केवल एक सरकारी व्यवस्था नहीं, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया और मानव संवेदनाओं से जुड़ा अहम विषय है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
सपा की चेतावनी — होगा बड़ा आंदोलन
सपा नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर 2 सप्ताह के अंदर पोस्टमार्टम हाउस चालू नहीं किया गया तो पार्टी सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी। प्रशासनिक कार्यालयों का घेराव, धरना-प्रदर्शन और जनआंदोलन की रणनीति तैयार की जा रही है।
बड़ा सवाल
क्या जनता को मौत के बाद भी यूं ही अपमान झेलना पड़ेगा? या फिर कुर्सी पर बैठे जिम्मेदार अब जागेंगे? या फिर सपा के अल्टीमेटम के आगे झुककर 2 हफ्ते में व्यवस्था बहाल करेगा?

