(मदन मोहन) चंदौली : सरकारी जमीन और जंगलों को अपनी जागीर समझने वाले भूमाफियाओं के खिलाफ वन विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई का बिगुल फूंक दिया है। जयमोहनी रेंज के चमेरबांध इलाके में वन भूमि पर अवैध कब्जा करने और धड़ल्ले से पेड़ काटने के मामले में विभाग ने पूर्व प्रधान समेत तीन लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में वन अपराध दर्ज किया है।
इस पूरे मामले के मुख्य सूत्रधार और आदतन अपराधी के खिलाफ अब जिलाधिकारी के जरिए ‘भूमाफिया’ के अंतर्गत निरुद्धीकरण (कड़ी कानूनी घेराबंदी) की कार्रवाई प्रस्तावित की जा रही है।
खुफिया इनपुट पर ऐक्शन: वनकर्मियों को देख ट्रैक्टर छोड़ भागे आरोपी
यह पूरी कार्रवाई एक गुप्त सूचना के बाद अमल में लाई गई। प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) को मोबाइल संदेश के जरिए खबर मिली थी कि भैसोड़ा कंपार्टमेंट संख्या-17 में पंचायत भवन के पास, नाले के निकट बेशकीमती वन भूमि पर कब्जा किया जा रहा है। भूमाफिया वहां लगे पौधों को बेरहमी से काटकर, मिट्टी डालकर रास्ता बना रहे थे और खेती के लिए जमीन तैयार कर रहे थे।
सूचना मिलते ही वन क्षेत्राधिकारी के निर्देश पर वनरक्षक प्रेमनाथ सिंह और प्रमोद यादव ने फौरन मौके पर छापेमारी की। वन विभाग की टीम को आते देख मौके पर हड़कंप मच गया और आरोपी अनिरुद्ध यादव अपने साथियों के साथ ट्रैक्टर लेकर रफूचक्कर हो गया।
इन 3 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
प्रथम दृष्टया इसे भारतीय वन संरक्षण अधिनियम और भारतीय वन अधिनियम का खुला उल्लंघन मानते हुए वन विभाग ने निम्नलिखित आरोपियों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है:
अनिरुद्ध यादव (पूर्व प्रधान व वर्तमान प्रशासक, निवासी- चमेरबांध)
विमलेश (पुत्र उदयभान, निवासी- चमेरबांध)
सुरेंद्र (पुत्र प्रताप, निवासी- चमेरबांध)
7 मुकदमों का इतिहास: अब सीधे नपेंगे ‘दबंग’ पूर्व प्रधान “मुख्य अभियुक्त अनिरुद्ध यादव का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। वह गांव का पूर्व प्रधान रह चुका है और वर्तमान में प्रशासक है, लेकिन इसके बावजूद वह लगातार वन भूमि पर नजर गड़ाए हुए था। अनिरुद्ध के खिलाफ पहले से ही वनकर्मियों से मारपीट, दुर्व्यवहार और राजकीय कार्य में बाधा पहुंचाने का मुकदमा चकरघट्टा थाने में दर्ज है। अब तक उसके खिलाफ कुल 7 वन अपराध के मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।”
अमित श्रीवास्तव, वन क्षेत्राधिकारी, जयमोहनी
जिलाधिकारी चंदौली को भेजा जा रहा है डोजियर
वन क्षेत्राधिकारी ने साफ किया है कि अनिरुद्ध यादव एक आदतन अपराधी है और बार-बार कानून को चुनौती दे रहा है। मामले की अति-गंभीरता को देखते हुए विभाग अब उसे बख्शने के मूड में नहीं है। आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त निरुद्धीकरण की कार्रवाई के लिए पूरा प्रकरण प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) के माध्यम से जिलाधिकारी चंदौली को प्रेषित किया जा रहा है, जिसके बाद आरोपी की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ना तय है।

