रिपोर्ट मदन मोहन नौगढ़ चंदौली : काशी वन्य जीव प्रभाग रामनगर (वाराणसी) के प्रभागीय वनाधिकारी बी. शिवशंकर के निर्देश पर जयमोहनी रेंज में हरियाली को वैज्ञानिक ढंग से संवारने की कवायद शुरू हो गई है। पिछले वर्ष कैंपा एवं सामाजिक वानिकी योजना के तहत लगाए गए पौधों की देखभाल और वैज्ञानिक अनुरक्षण के उद्देश्य से शनिवार को वन कर्मियों के लिए एक विशेष व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान वन क्षेत्राधिकारी अमित श्रीवास्तव ने सेक्शन ऑफिसर, वनरक्षकों और दैनिक श्रमिकों को ‘थिनिंग’ (विरालीकरण) की बारीकियां सिखाईं। इसके बाद उन्होंने खुद रोपण स्थल पर जाकर कर्मियों को मौके पर थिनिंग की व्यावहारिक विधि समझाई। कमजोर पौधे हटेंगे, तेजी से बढ़ेंगे बाकी वृक्ष
वन क्षेत्राधिकारी अमित श्रीवास्तव ने बताया कि सघन रोपित क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से थिनिंग की जाएगी। इसके तहत केवल उन्हीं कमजोर, रोगग्रस्त या मृतप्राय पौधों को छांटकर हटाया जाएगा जो स्वस्थ पौधों का पोषण रोक रहे हैं। इस प्रक्रिया से बोना नाली पर मौजूद पौधों को पर्याप्त धूप, पानी और जरूरी पोषक तत्व मिल सकेंगे, जिससे वे तेजी से बड़े होकर वृक्ष बन सकेंगे। इस तकनीक से लगभग 650 हेक्टेयर क्षेत्र में लगे पौधों की उत्तरजीविता (जीवित रहने की दर) में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। सूखे के खतरे से निपटेगा पानी का टैंकर, गश्त होगी सख्त कम बारिश या खराब मानसून की चुनौती से निपटने के लिए वन क्षेत्राधिकारी ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नए रोपे गए पौधों को सूखने नहीं दिया जाएगा और आवश्यकतानुसार टैंकरों के माध्यम से सिंचाई सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा, रोपण क्षेत्रों को हर प्रकार के नुकसान से बचाने के लिए वन कर्मियों को क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाने के कड़े आदेश दिए गए हैं।

