बाबा कार्तिक उरांव की जयंती पर की संगोष्ठी, जनजातीय समाज के योगदान पर हुई चर्चा

जितेन्द्र कुमार चन्द्रवंशी दुद्धी (सोनभद्र)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) द्वारा दुद्धी स्थित अनुभव इंटर कॉलेज में जनजातीय समाज के महान नेता, शिक्षाविद् एवं समाज सुधारक बाबा कार्तिक उरांव की जयंती के अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बाबा कार्तिक उरांव के जीवन, संघर्ष, विचारों तथा जनजातीय समाज के उत्थान में उनके योगदान को याद किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अभाविप के विभाग संयोजक अमन जायसवाल ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव का संपूर्ण जीवन जनजातीय समाज के अधिकारों, शिक्षा और सामाजिक उत्थान के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि उनके विचार आज भी युवाओं को समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने की प्रेरणा देते हैं।


मुख्य वक्ता एवं अभाविप के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य तथा क्षेत्रीय संयोजक जनजाति छात्र कार्य, पूर्वी उत्तर प्रदेश, मनोहन निषाद ने कहा कि डॉ. कार्तिक उरांव के जीवन मूल्यों और संघर्षों को जनजातीय समाज कभी भुला नहीं सकता। उन्होंने आवश्यकता जताई कि उनके संघर्षों और विचारों को आगे बढ़ाकर नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाए, ताकि विद्यार्थी अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित हो सकें और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सकें। अनुभव इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य रामप्रवेश की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम का संचालन राधाकृष्ण ने किया। संगोष्ठी में बाबा कार्तिक उरांव के आदर्शों, जनजातीय संस्कृति, परंपराओं एवं शिक्षा के महत्व पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेने तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए आगे आने का संदेश दिया गया।

ये भी पढ़िए