सोनभद्र : जिले में बारिश भले ही बंद हो गई हो, लेकिन रिहंद बांध में पड़ोसी राज्यों से लगातार बारिश का पानी कैचमेंट एरिया में आ रहा है। इसके चलते बांध का जलस्तर 872.2 फीट को पार कर गया। यह बांध के उच्चतम जलस्तर 872 से अधिक है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर बुधवार की सुबह बांध के तीन गेट खोले गए, मगर पानी आने की गति बने रहने से सात गेट खोलने पड़े। सभी पनबिजली इकाइयां भी चालू हैं। ओबरा बांध के भी पांच गेट खुले हुए हैं।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सुशील कुमार सिंह ने बताया कि बांध के जलस्तर को अपने अधिकतम स्तर 872 फीट पर मेंटेन रखना है। बुधवार की सुबह बांध का जलस्तर 872.2 फीट पार करने के बाद 3 फाटक खोले गए थे।
इसके बावजूद बांध में लगातार पानी के इनफ्लो को देखते हुए बारी-बारी से कुल सात फाटक खोल दिए गए। जल विद्युत उत्पादन निगम के अधिशासी अभियंता शशिकांत राय ने बताया कि बांध पर स्थित छह टरबाइन को चलाकर 300 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है।
जिससे 18 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बांध की सुरक्षा की दृष्टि से बांध की अधिकतम जल क्षमता 872 फीट रखी गई है। उससे ऊपर पानी होने पर गेट खोले गए हैं।
उधर, रिहंद से लगातार पानी छोड़े जाने का असर ओबरा बांध पर पड़ रहा है। इसके चलते बुधवार को बांध के पांच गेट खोल दिए गए। बांध के अवर अभियंता विनोद कुमार ने बताया कि ओबरा बांध का गेट सुबह 10.20 से खुलना शुरू हुआ और कुछ ही समय में ओबरा बांध के चार गेट खोले गए।
पांच नंबर गेट को पांच फीट और गेट नंबर सात, आठ और नौ को 10-10 फीट खोला गया था। बाद में छह नंबर गेट भी खोल दिया गया। जल स्तर सामान्य करने के लिए बांध पर बने जल विद्युत की 33 मेगावाट क्षमता की तीनों इकाइयों को चलाकर 87 मेगावाट बिजली उत्पादन किया जा रहा है।

