सोनभद्र : भारत वर्ष में वस्त्र एवं परिधान का उद्योग सबसे पुराना है। फाइबर से परिधान बनाने तक की वैल्यू चेन में भारत बहुत ही मजबूत स्थिति में है। भारत में कृषि के बाद रोजगार सृजन की दृष्टि से टेक्सटाइल्स सेक्टर दूसरे स्थान पर है। उत्तर प्रदेश वस्त्र उत्पादन में 13 प्रतिशत योगदान के साथ पूरे देश में तीसरे स्थान पर है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के कुशल नेतृत्व में कपड़ा उद्योग के लिए प्रसिद्ध रहा उत्तर प्रदेश वर्तमान में पुनः टेक्सटाइल हब बनने के लिए सतत् अग्रसर है। टेक्सटाइल इन्डस्ट्री में बड़ी संख्या में रोजगार का सृजन सम्भावित है। यह प्रदेश के बेरोजगारों को जहां काम उपलब्ध करायेगा, वहीं वस्त्रोद्योग के विकास को नई गति भी मिलेगी। वास्तव में वस्त्रोद्योग की हिस्सेदारी को दृष्टिगत रखते हुए राज्य सरकार ने इस क्षेत्र को बढ़ावा देकर वस्त्रोद्योग की पुरानी पहचान दिलाने का जो संकल्प लिया है. निःसंदेश यह सराहनीय एवं प्रशंसनीय कदम है। सरकार की इस पहल से प्रभावित होकर निवेशकों ने वस्त्रोद्योग क्षेत्र में निवेश के प्रति दिलचस्पी ही नहीं दिखाई, अपितु वस्त्र इकाइयां स्थापित कर उत्पादन का कार्य भी प्रारंभ कर दिया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने 22 मार्च, 2025 को पी०एम० मित्र योजना के अन्तर्गत जनपद लखनऊ-हरदोई सीमा पर 1,000 एकड़ में मेगा टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क की स्थापना हेतु इन्वेस्टर्स मीट का शुभारम्भ किया। इस कार्यक्रम में निवेशकों को प्रोत्साहन राशि के प्रतीकात्मक चेक तथा लेटर ऑफ कम्फर्ट प्रदान किये गये। मुख्यमंत्री जी के समक्ष पी०एम० मित्र पार्क लखनऊ में 700 करोड़ रु० के निवेश के लिए 02 एम०ओ०यू० पर हस्ताक्षर भी सम्पन्न हुए। उ०प्र० हैण्डलूम, पावरलूम, सिल्क, टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग पॉलिसी-2017 के अन्तर्गत वस्त्र निर्माण इकाइयां स्थापित करने वाले 80 निवेशकों को कुल 210 करोड़ रु० तथा उ०प्र० टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग पॉलिसी-2022 के अन्तर्गत 02 निवेशकों को 08 करोड़ रु० की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गयी। उ०प्र० टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग पॉलिसी-2022 के अन्तर्गत 44 निवेशकों को 768 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के लिए लेटर ऑफ कम्फर्ट प्रदान किये गये ।

