रिपोर्ट मदन मोहन नौगढ़ चंदौली। प्रधान नीलम ओहरी और सीओ देवेंद्र कुमार के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ नौगढ़ का सिलाई प्रशिक्षण समारोह क्षेत्र में महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी और सशक्त बनाने की दिशा में चलाई जा रही ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना’ के अंतर्गत दर्जी ट्रेड का 10 दिवसीय निशुल्क प्रशिक्षण बेहद उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। इस समापन समारोह में ग्राम प्रधान (बाघी नौगढ़) नीलम ओहरी और क्षेत्राधिकारी नौगढ़ देवेंद्र कुमार मुख्य अतिथि के रूप में विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन से महिलाओं का हौसला बढ़ाया।
प्रशिक्षण की मुख्य बातें: प्रतिभागियों की उपस्थिति: इस प्रशिक्षण में कुल 43 महिलाओं को प्रशिक्षित किया जाना था, जिसमें से 42 महिलाओं ने पूरे 10 दिनों तक समय से उपस्थित रहकर महिला ट्रेनरों से सिलाई-कटिंग का हुनर सीखा एक महिला अनुपस्थित रहीं। सीखे गए कौशल: विशेषज्ञ महिला प्रशिक्षकों द्वारा महिलाओं को कपड़े की सही नाप लेना, परफेक्ट कटिंग करना, सिलाई मशीन की साफ-सफाई और उसके रखरखाव की पूरी जानकारी दी गई।
सराहनीय सफलता: महिलाओं की सीखने की ललक और गहरी रुचि का ही परिणाम रहा कि महज 10 दिनों के भीतर ही उन्होंने ब्लाउज और पेटीकोट की कटिंग-सिलाई में अच्छी-खासी महारत हासिल कर ली है।
मुख्य अतिथियों और गणमान्य जनों के प्रेरणादायक विचार
प्रशिक्षण के समापन अवसर पर मुख्य अतिथियों ने महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित किया: * मुख्य अतिथि देवेंद्र कुमार (क्षेत्राधिकारी, नौगढ़): उन्होंने महिलाओं को स्वावलंबन के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए विशेष रूप से प्रेरित किया। इसके साथ ही, उन्होंने महिलाओं को उनकी सुरक्षा से जुड़े कानूनी अधिकारों और सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न महिला सशक्तिकरण योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
मुख्य अतिथि नीलम ओहरी (ग्राम प्रधान, बाघी नौगढ़): उन्होंने महिलाओं की इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि हुनरमंद महिलाएं ही सशक्त समाज की नींव होती हैं। उन्होंने सभी को रोजगार के क्षेत्र में आगे आने और आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनने के लिए प्रोत्साहित किया।
अन्य गणमान्य उपस्थिति: समारोह में थानाध्यक्ष नौगढ़ संतोष कुमार और मुख्य आरक्षी शिप्रा ने भी विशेष भूमिका निभाई। मुख्य आरक्षी शिप्रा ने महिलाओं के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए सुरक्षात्मक दृष्टिकोण पर जोर दिया और सरकार द्वारा संचालित विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देकर उन्हें जागरूक किया।
प्रशिक्षण में शामिल होने वाली प्रमुख महिलाएं
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनीता, संगीता, नंदिनी, बिंदु, शीतल, रेशमा, साधना, रचना, गंगा, भारती, तारा, गुंजा, निशा, भारती, आराधना, अर्चना और आंचल सहित अन्य तमाम महिलाओं ने पूरी तन्मयता के साथ भाग लिया और सफलता हासिल की।
यह 10 दिवसीय प्रशिक्षण नौगढ़ की महिलाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलने और उन्हें आत्मनिर्भर भारत की मुख्यधारा से जोड़ने में मील का पत्थर साबित हुआ है।
इस प्रशिक्षण की जिम्मेदारी पूर्वांचल कंप्यूटर सेंटर की द्वारा की गई जिसमें नौगढ़ में प्रशिक्षण की देख रेख मदन मोहन के द्वारा की गई
इस योजना का लाभ लेने के लिए आप ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं

