
कोलकाता । मानवता की सेवा और समाज के उत्थान के लिए निरंतर कार्यरत संस्था “स्माइल वर्ल्ड सेवा मिशन” ने इस वर्ष दुर्गोत्सव के पावन अवसर पर “शारद अर्पण” कार्यक्रम के अंतर्गत गरीब एवं वंचित बच्चों को वस्त्र, जूते-चप्पल, मिठाई और आवश्यक वस्तुएँ वितरित कीं। संस्था के सभी सदस्य, पदाधिकारी और स्वयंसेवक इस सामाजिक कार्यक्रम में पूरे समर्पण और उत्साह के साथ शामिल हुए।
“शारद अर्पण” कार्यक्रम का उद्देश्य था समाज के उन बच्चों तक त्योहारों की खुशी पहुँचाना जो आर्थिक कठिनाइयों के कारण नई वस्तुएँ नहीं खरीद पाते। संस्था का मानना है कि दुर्गा पूजा केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि साझा खुशियों और संवेदनाओं का उत्सव है, जिसमें हर वर्ग को शामिल किया जाना चाहिए।

स्माइल वर्ल्ड सेवा मिशन (Smile World Seva Mission) एक पंजीकृत सामाजिक संस्था है जो वर्षों से गरीब, वंचित और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए कार्य कर रही है। संस्था ने अब तक अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए हैं, जिनमें प्रमुख हैं — आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए निःशुल्क शिक्षा और स्टेशनरी वितरण, महिला सशक्तिकरण के लिए प्रशिक्षण शिविर एवं स्वरोज़गार परियोजनाएँ, स्वास्थ्य जांच एवं रक्तदान शिविरों का आयोजन, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण हेतु वृक्षारोपण अभियान, प्राकृतिक आपदाओं के समय राहत सामग्री वितरण और बुजुर्गों व बेसहारा लोगों के पुनर्वास के प्रयास। संस्था का उद्देश्य समाज में समानता, सहानुभूति और मानवीय एकता की भावना को मजबूत करना है।

संस्था के सचिव श्री पिनाकी चक्रवर्ती ने कार्यक्रम के अवसर पर कहा — “हमारा उद्देश्य केवल वस्त्र बाँटना नहीं, बल्कि उन बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाना है जिन्हें जीवन ने कम अवसर दिए हैं। ‘शारद अर्पण’ हमारे दिल से निकली पहल है, जो यह संदेश देती है कि सच्ची पूजा माँ दुर्गा की आराधना के साथ-साथ समाज की सेवा में भी है। स्माइल वर्ल्ड सेवा मिशन आगे भी शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सहयोग के क्षेत्र में और अधिक योजनाएँ लाता रहेगा।”
संस्था की अध्यक्ष ने अपने प्रेरणादायी संदेश में कहा — “‘शारद अर्पण’ हमारे लिए केवल वस्त्र वितरण नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना का पर्व है। जब किसी गरीब बच्चे के चेहरे पर खुशी की चमक आती है, वही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि होती है। हम चाहते हैं कि समाज का हर व्यक्ति इस भावना से जुड़कर किसी न किसी रूप में समाजसेवा का हिस्सा बने।”

कार्यक्रम के दौरान बच्चों के चेहरों पर खुशियों की रौनक थी। स्वयंसेवकों ने बच्चों के साथ समय बिताया, खेल खेले और उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। कई स्थानीय नागरिक भी इस पहल से प्रभावित हुए और भविष्य में संस्था के साथ सहयोग का संकल्प लिया। पूरे आयोजन में “सेवा ही सच्ची पूजा” का संदेश गूंजता रहा।
कार्यक्रम के अंत में संस्था की ओर से समाज के सभी वर्गों से यह अपील की गई कि वे अपने आसपास के जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए आगे आएँ। स्माइल वर्ल्ड सेवा मिशन ने घोषणा की कि आने वाले महीनों में स्वास्थ्य शिविर, महिलाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण, शैक्षणिक सहायता अभियान, और वृद्धजनों के सहयोग कार्यक्रम जैसे कई सामाजिक कार्य आरंभ किए जाएँगे।

