सोनभद्र : उत्तर प्रदेश के जनपद सोनभद्र अंतर्गत नगर पंचायत अनपरा में विकास कार्यों की पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। विवेकानन्द नगर (वार्ड संख्या-15) के सभासद अंकित गुप्ता ने बोर्ड बैठक के तौर-तरीकों और नगर पंचायत के कार्यों में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर जिलाधिकारी को पत्र लिखकर जांच की मांग की है।
बैठक केवल औपचारिकता तक सीमित
सभासद अंकित गुप्ता का आरोप है कि अब तक नगर पंचायत में 4 से 5 बोर्ड बैठकें संपन्न हो चुकी हैं, लेकिन ये बैठकें केवल ‘कोरम’ पूरा करने तक सीमित रहती हैं। सभासदों को न तो विकास कार्यों का ब्योरा दिया जाता है और न ही आय-व्यय का पूर्ण विवरण सार्वजनिक किया जाता है।
अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप
अंकित गुप्ता ने बताया कि रविवार (11 मई 2026) को आयोजित बोर्ड बैठक के दौरान जब उन्होंने श्रीमती अपर्णा मिश्रा से विभिन्न कार्यों और खर्चों पर सवाल पूछे, तो उन्हें कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। उन्होंने पत्र में स्पष्ट किया है कि पूर्व में पास किए गए प्रस्तावों के तहत हुए कार्य अत्यंत घटिया स्तर के हैं। बिना किसी गुणवत्ता परीक्षण या जांच के ही ठेकेदारों के बिलों का भुगतान किया जा रहा है। पारदर्शिता के अभाव में नगर पंचायत में भ्रष्टाचार चरम पर है।
सरकार की छवि धूमिल होने की चिंता
भारतीय जनता पार्टी से जुड़े सभासद ने पत्र में दुख व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह की कार्यप्रणाली से प्रदेश सरकार और संगठन की जनहितकारी छवि धूमिल हो रही है। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच** कराई जाए और दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।”जनता ने हमें विकास के लिए चुना है। अगर बोर्ड बैठकों में पारदर्शिता नहीं रहेगी और घटिया निर्माण के बिल पास किए जाएंगे, तो यह जनता के साथ विश्वासघात है। हम भ्रष्टाचार के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगे।
अंकित गुप्ता, सभासद (वार्ड-15)
इस मामले में अब नगर पंचायत प्रशासन के जवाब और जिला प्रशासन की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

