मिर्जापुर बाल सम्प्रेक्षण गृह का डीएलएसए टीम ने किया निरीक्षण, सोनभद्र के 11 किशोरों से की बातचीत

सोनभद्र। माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के निर्देश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) सोनभद्र के अध्यक्ष/जनपद न्यायाधीश के आदेश पर सोमवार को डीएलएसए की टीम ने राजकीय बाल सम्प्रेक्षण गृह (किशोर), मिर्जापुर का निरीक्षण किया। इस दौरान निरुद्ध किशोरों के अधिकारों, विधिक सहायता और कल्याणकारी योजनाओं के संबंध में जागरूकता शिविर भी आयोजित किया गया।
निरीक्षण टीम में अपर जनपद न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) ओमकार शुक्ला तथा सिविल जज (सीडी)/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राहुल शामिल रहे। टीम ने किशोरों को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाएं, प्ली बार्गेनिंग, शिक्षा का अधिकार, नशा उन्मूलन, कौशल विकास योजनाओं तथा बालकों से संबंधित नालसा योजनाओं की जानकारी दी।
बताया गया कि जनपद सोनभद्र में राजकीय बाल सम्प्रेक्षण गृह संचालित नहीं है। ऐसे में सोनभद्र के विधि के विरुद्ध बालकों को मिर्जापुर स्थित राजकीय बाल सम्प्रेक्षण गृह में रखा जाता है।
निरीक्षण के दौरान सम्प्रेक्षण गृह में कुल 57 किशोर आवासित पाए गए, जिनमें सोनभद्र के 11 किशोर शामिल हैं। टीम ने सभी किशोरों से उनके मामलों, स्वास्थ्य, भोजन, शिक्षा तथा अन्य सुविधाओं के संबंध में बातचीत की। किशोरों ने बताया कि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा नहीं है, स्वास्थ्य ठीक है तथा निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही उनके मामलों में विधिक सहायता एवं अधिवक्ताओं की उपलब्धता की भी जानकारी ली गई।
निरीक्षण के दौरान प्रभारी सहायक अधीक्षक विजय कुमार राय को निर्देश दिए गए कि सम्प्रेक्षण गृह में नियमित साफ-सफाई, गुणवत्तापूर्ण भोजन, शिक्षा, चिकित्सा, खेलकूद और मनोरंजन सहित सभी व्यवस्थाएं नियमानुसार सुचारु रूप से सुनिश्चित की जाएं। इस अवसर पर सम्प्रेक्षण गृह का अन्य स्टाफ भी उपस्थित रहा। उक्त जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र के पूर्णकालिक सचिव राहुल, सिविल जज (सीडी) द्वारा दी गई।

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