रॉबर्ट्सगंज (सोनभद्र)। बरसात के दिनों में जलभराव की गंभीर समस्या से जूझने वाले रॉबर्ट्सगंज नगरवासियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की पहल पर नगर में जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था के लिए 23.62 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी मिल गई है। डीएमएफ फंड से बनने वाले 4.46 किलोमीटर लंबे आधुनिक आरसीसी नाले के निर्माण से नगर के इमरती कॉलोनी, पुसौली-बढ़ौली चौराहा, मिशन अस्पताल समेत कई जलभराव प्रभावित क्षेत्रों को स्थायी राहत मिलेगी।
जिलाधिकारी ने स्वयं प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर लोगों की समस्याएं सुनी थीं। इसके बाद उन्होंने जल जीवन मिशन (शहरी) की तकनीकी टीम गठित कर वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर स्थायी समाधान तैयार करने के निर्देश दिए। टीम ने भू-स्तर सर्वे, हाइड्रोलॉजी, कंटूर मैप, सैटेलाइट सर्वे और पिछले 30 वर्षों के वर्षा आंकड़ों का विश्लेषण कर ड्रेनेज प्लान तैयार किया।
तकनीकी अध्ययन में तीन संभावित मार्गों की जांच की गई। नीलकंठ रेस्टोरेंट-चुर्क रोड मार्ग भूमि की ऊंचाई अधिक होने के कारण तथा पुसौली पोखरा मार्ग प्राकृतिक जल निकासी स्रोत के अभाव में तकनीकी रूप से अनुपयुक्त पाया गया। जबकि नीलकंठ रेस्टोरेंट से कचहरी ड्रेन मार्ग को सबसे उपयुक्त और व्यवहारिक विकल्प माना गया, जहां प्राकृतिक ढाल के कारण बिना पंपिंग के वर्षा जल का प्रवाह संभव होगा।
प्रस्तावित परियोजना के तहत विभिन्न आकार की आरसीसी नालियों का निर्माण, कल्वर्ट, रेलवे व नहर क्रॉसिंग, साइफन, विद्युत पोल एवं ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग तथा पेयजल पाइपलाइन के स्थानांतरण सहित सभी आवश्यक आधारभूत कार्य कराए जाएंगे। परियोजना की मूल निर्माण लागत 17.95 करोड़ रुपये है, जबकि डिजाइन, जीएसटी एवं अन्य मदों सहित कुल लागत 23.62 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि नगरवासियों को जलभराव की समस्या से स्थायी राहत दिलाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वैज्ञानिक और तकनीकी अध्ययन के आधार पर तैयार इस परियोजना के पूरा होने के बाद रॉबर्ट्सगंज में आधुनिक एवं सुदृढ़ जलनिकासी व्यवस्था विकसित होगी, जिससे हर वर्ष बरसात में होने वाली परेशानी से लोगों को स्थायी निजात मिलेगी।

