(ऋषभ सिंह)सोनभद्र। तहसील दुद्धी के नवागत उपजिलाधिकारी (एसडीएम) रवि कुमार पासवान से अधिवक्ता संघर्ष समिति के पदाधिकारियों एवं अधिवक्ताओं ने शिष्टाचार भेंट कर तहसील परिसर की विभिन्न समस्याओं तथा राजस्व एवं न्यायिक कार्यों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
इस अवसर पर एसडीएम रवि कुमार पासवान ने कहा कि तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली पारदर्शिता, निष्पक्षता और समयबद्धता के सिद्धांतों पर आधारित होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व एवं न्यायिक मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने अधिवक्ताओं को न्याय व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए कहा कि उनके सुझावों और समस्याओं को प्रशासन पूरी गंभीरता से सुनेगा। यदि किसी राजस्व अथवा न्यायिक प्रकरण में अनावश्यक देरी या अव्यवस्था की स्थिति सामने आती है, तो अधिवक्ता संघर्ष समिति सीधे उनके संज्ञान में मामला ला सकती है, जिस पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम ने प्रशासन एवं अधिवक्ताओं के बीच नियमित संवाद और बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे आम जनता से जुड़े मामलों का शीघ्र एवं प्रभावी समाधान संभव होगा।
तहसील परिसर की समस्याओं के संबंध में उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी व्यवस्थाओं का परीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कदम शीघ्र उठाए जाएंगे, ताकि तहसील आने वाले नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और उनके कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे हों।
उन्होंने यह भी कहा कि तहसील क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है। किसी भी विवाद की स्थिति में आपसी संवाद और समन्वय के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा, जिसमें अधिवक्ता संघर्ष समिति की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी।
इस दौरान एसके जैन, संजय द्विवेदी, गजेंद्र यादव, कमलेश यादव, सुशील पांडेय, डीके जौहरी, हरेंद्र सिंह, मनीष मिश्रा, अनुपम कुमार, वीरेंद्र पांडेय, मनोज पाठक सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।

