स्वतंत्रता दिवस पर कलेक्ट्रेट में गूंजा पर्यावरण संरक्षण का संदेश, ‘एक पेड़ मां के नाम’ से जुड़ी हरियाली की मुहिम

जिलाधिकारी चर्चित गौड़ एवं एडीएम वागीश कुमार शुक्ला ने पौधरोपण कर दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश, अधिकारियों-कर्मचारियों ने लिया पौधों की देखभाल का संकल्प


सोनभद्र। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर सोनभद्र कलेक्ट्रेट परिसर राष्ट्रभक्ति के साथ पर्यावरण संरक्षण के संदेश से भी सराबोर नजर आया। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ एवं अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व श्री वागीश कुमार शुक्ला ने कलेक्ट्रेट परिसर में पौधरोपण कर हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी पौधरोपण कर प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।
पौधरोपण के दौरान जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ ने कहा कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान केवल पौधा लगाने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि मां के सम्मान, प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है। उन्होंने कहा कि पौधा लगाना जितना जरूरी है, उससे कहीं अधिक जरूरी उसकी नियमित देखभाल और संरक्षण करना है, तभी पौधरोपण का वास्तविक उद्देश्य पूरा होगा।


उन्होंने कहा कि वृक्ष मानव जीवन के आधार हैं। स्वच्छ हवा, संतुलित पर्यावरण और स्वस्थ जीवन के लिए अधिक से अधिक पौधरोपण के साथ उनके संरक्षण पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे अपने कार्यालय परिसर के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में भी पौधरोपण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए इसे व्यापक जनअभियान बनाएं।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें देश के प्रति अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों की याद दिलाता है। राष्ट्र के विकास के साथ पर्यावरण की रक्षा भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि प्रत्येक व्यक्ति एक पौधा लगाकर उसे वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखने का संकल्प ले, तो आने वाले वर्षों में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
इस अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का संकल्प लिया। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के माध्यम से स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रप्रेम, मातृशक्ति के सम्मान और प्रकृति संरक्षण का त्रिवेणी संदेश दिया गया। आयोजन ने यह संदेश भी दिया कि देश की आजादी का उत्सव तभी सार्थक है, जब हम अपनी धरती, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की रक्षा के लिए भी आगे बढ़ें।

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