सोनभद्र/ओबरा। गजराज नगर रेलवे फाटक के समीप निर्माणाधीन रेलवे अंडरब्रिज को लेकर स्थानीय लोगों में अब सवाल उठने लगे हैं। करीब तीन महीने से चल रहे निर्माण कार्य की प्रगति, सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण पूरा होने की निर्धारित समय-सीमा को लेकर अभी तक स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
घनी आबादी वाले बैरियर क्षेत्र में सीमित भूमि उपलब्धता के कारण लंबे समय से ओवरब्रिज की संभावनाओं पर भी चर्चा होती रही है। इसी बीच प्रशासन और रेलवे की संयुक्त टीम ने गजराज नगर रेलवे फाटक के पास निर्माण स्थल का निरीक्षण कर मौके की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी ओबरा रवि पासवान, रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर आर.पी. पाल, सेतु निगम के अधिकारी तथा लेखपाल अमित सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
गहरी खुदाई और जलभराव से सुरक्षा पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण स्थल पर भारी खुदाई के कारण मार्ग के समीप गहरा गड्ढा बन गया है, जिसमें पानी भी जमा है। ऐसे में राहगीरों और आसपास के लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। निर्माण कार्य के दौरान भूमिगत केबल क्षतिग्रस्त होने से स्थानीय सुविधाएं प्रभावित होने की बात भी सामने आई है।
वहीं, निर्माण स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा बैरिकेडिंग और यातायात को सुचारु रखने के लिए प्रभावी डायवर्जन व्यवस्था को लेकर भी स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं।
निरीक्षण हुआ, लेकिन समय-सीमा पर तस्वीर साफ नहीं
प्रशासन और रेलवे अधिकारियों के निरीक्षण के बाद भी सबसे अहम सवाल का जवाब स्पष्ट नहीं हो सका कि अंडरब्रिज का निर्माण कब तक पूरा होगा और आम लोगों को इससे कब तक राहत मिलेगी। निर्माण कार्य की आधिकारिक शुरुआत की तारीख, निर्धारित पूर्णता तिथि और आगे की कार्ययोजना को लेकर भी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल निरीक्षण से समस्या का समाधान नहीं होगा। निर्माण कार्य की गति बढ़ाने के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए और परियोजना की स्पष्ट समय-सीमा सार्वजनिक की जाए, ताकि लोगों को असुविधा से राहत मिल सके।
जनता के प्रमुख सवाल
अंडरब्रिज निर्माण की आधिकारिक शुरुआत कब हुई?
निर्माण पूरा करने की निर्धारित अंतिम तिथि क्या है?
बैरियर क्षेत्र में भूमि की कमी को देखते हुए आगे की योजना क्या है? गहरी खुदाई और जलभराव वाले स्थान पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं हैं? भूमिगत केबल क्षतिग्रस्त होने की जिम्मेदारी किसकी है। निरीक्षण के बाद निर्माण की प्रगति और समय-सीमा की जानकारी कब सार्वजनिक होगी।फिलहाल स्थानीय लोगों की निगाहें प्रशासन और रेलवे की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। जनता को उम्मीद है कि निर्माण की प्रगति, सुरक्षा व्यवस्था और निर्धारित समय-सीमा को लेकर जल्द ठोस जानकारी सामने आएगी।

