उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुई परीक्षा, म्योरपुर में सर्वाधिक 2,106 परीक्षार्थी शामिल
सोनभद्र। उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत रविवार को जनपद सोनभद्र में 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयुवर्ग के चिन्हित निरक्षर शिक्षार्थियों की मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक परीक्षा सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुई। जनपद के सभी 10 विकास खंडों में बनाए गए 816 परीक्षा केंद्रों पर कुल 8,207 शिक्षार्थियों ने परीक्षा में प्रतिभाग किया।
परीक्षा का आयोजन प्रातः 10 बजे से किया गया। परीक्षा को लेकर केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं। संबंधित परिषदीय विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों की देखरेख में परीक्षा निर्धारित मानकों के अनुरूप संपन्न कराई गई।
विकास खंडवार आंकड़ों के अनुसार म्योरपुर में सर्वाधिक 2,106 शिक्षार्थियों ने परीक्षा दी। वहीं रॉबर्ट्सगंज में 1,541, कोन में 1,391, करमा में 741, चोपन में 484, चतरा में 464, नगवां में 437, घोरावल में 441, बभनी में 325 तथा दुद्धी में 277 शिक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए।
परीक्षा केंद्रों का किया निरीक्षण
परीक्षा के दौरान सहायक निदेशक, साक्षरता कार्यक्रम श्रीमती प्रतिमा मिश्रा ने विकास खंड रॉबर्ट्सगंज के प्राथमिक विद्यालय लोढ़ी प्रथम एवं प्राथमिक विद्यालय छपका स्थित परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्रों पर उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया और परीक्षा संचालन की प्रक्रिया की जानकारी ली। निरक्षर शिक्षार्थियों की उत्साहजनक उपस्थिति पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए परीक्षा को निर्धारित मानकों के अनुसार व्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए।
पूर्व परीक्षाओं में 91.99 प्रतिशत ने हासिल की दक्षता
उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत जनपद में पूर्व में आयोजित साक्षरता परीक्षाओं में 24,958 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें 22,959 प्रतिभागियों ने निर्धारित साक्षरता दक्षता हासिल कर सफलता प्राप्त की, जबकि 1,959 प्रतिभागियों को सुधार की आवश्यकता पाई गई। इस प्रकार पूर्व परीक्षाओं में 91.99 प्रतिशत प्रतिभागियों ने निर्धारित साक्षरता दक्षता हासिल की।
मार्च 2026 में आयोजित परीक्षा में 12,210 प्रतिभागियों में से 12,056 उत्तीर्ण हुए थे, जबकि 154 प्रतिभागियों को सुधार की आवश्यकता रही थी।
पढ़ने-लिखने के साथ संख्यात्मक दक्षता पर जोर
उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के माध्यम से जनपद में 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयुवर्ग के निरक्षर व्यक्तियों को पढ़ने, लिखने तथा दैनिक जीवन में आवश्यक संख्यात्मक दक्षताओं से सक्षम बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। परीक्षा के बाद उत्तरपुस्तिकाओं का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मूल्यांकन कराया जाएगा तथा प्राप्तांकों को उल्लास पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने परीक्षा के सफल आयोजन के लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों, प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों, परीक्षा से जुड़े कार्मिकों एवं सहयोगी कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि साक्षरता व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उसे समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

