TSCT की ऐतिहासिक पहल, स्व. शाहिद कमाल के परिवार को 50 लाख से अधिक की आर्थिक सहायता

‘सहयोग अलर्ट-79’ के तहत शिक्षक संगठन ने पेश की सेवा, समर्पण और बंधुत्व की मिसाल

सोनभद्र। शिक्षक हित में कार्यरत Teachers Self Care Team (TSCT) ने सेवा, सहयोग और मानवीय संवेदना की अनूठी मिसाल पेश करते हुए दिवंगत स्व. शाहिद कमाल के परिवार को 50 लाख रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की है। संगठन की ओर से चलाए गए ‘TSCT सहयोग अलर्ट-79’ के तहत मिली इस सहायता से परिवार को कठिन समय में बड़ा संबल मिला है।
आर्थिक सहयोग मिलने पर स्व. शाहिद कमाल के पुत्र अबू मोहसिन ने TSCT के संस्थापक मंडल, पदाधिकारियों और जनपद की पूरी टीम के प्रति भावुक होकर आभार जताया। उन्होंने कहा कि पिता के इंतकाल के बाद परिवार गहरे सदमे और पीड़ा से गुजर रहा था। ऐसे समय में TSCT परिवार ने जिस आत्मीयता और संवेदनशीलता के साथ उनका हाथ थामा, वह उनके लिए जीवनभर यादगार रहेगा।
अबू मोहसिन ने कहा कि 50 लाख रुपये से अधिक की यह सहायता महज आर्थिक मदद नहीं, बल्कि परिवार के प्रति संगठन के अटूट भरोसे, प्रेम और अपनत्व का प्रतीक है। इस सहयोग ने संकट की घड़ी में परिवार को संभलने और आगे बढ़ने का हौसला दिया है।

संस्थापक मंडल के प्रति जताया आभार

अबू मोहसिन ने TSCT के संस्थापक विवेकानंद, सह-संस्थापक एवं महामंत्री सुधेश पाण्डेय तथा सह-संस्थापक एवं कोषाध्यक्ष संजीव रजक के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संगठन की ओर से शुरू की गई सहयोग की यह परंपरा आज जरूरतमंद परिवारों के लिए उम्मीद और सहारे का मजबूत आधार बन चुकी है।
उन्होंने दुःख की इस घड़ी में परिवार के साथ खड़े रहने वाले जनपद पदाधिकारियों प्रवीण द्विवेदी (जिला अध्यक्ष), प्रवीण सिंह (मंडल सह-संयोजक), शैलेन्द्र सिंह (जिला आईटी सेल प्रभारी), शमशेर बहादुर सिंह, इज़हार अहमद, सरोज कुमार यादव व चंदन शर्मा (जिला सह-संयोजक), अनामिका आँचल एवं गुंजन (जिला सह-संयोजिका) सहित समस्त जनपद टीम का आभार जताया।

कौशल पाण्डेय के सहयोग को किया याद

अबू मोहसिन ने कौशल पाण्डेय (जिला आईटी सेल प्रभारी) के सहयोग को भी विशेष रूप से याद किया। उन्होंने बताया कि कठिन दौर में कौशल पाण्डेय ने लगातार भावनात्मक संबल देने के साथ ही पिता तुल्य अपनापन और मार्गदर्शन प्रदान किया। अंत में अबू मोहसिन ने TSCT परिवार के प्रत्येक सदस्य के प्रति भावभीना आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन की ओर से मिला सहयोग, वात्सल्य और अपनापन उनके परिवार के लिए जीवनभर एक अमूल्य धरोहर बना रहेगा।

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