बाल अपराधों पर अंकुश लगाने की तैयारी तेज, बच्चों की सुरक्षा और पुनर्वास पर पुलिस का विशेष जोर

क्षेत्राधिकारी सदर की अध्यक्षता में पुलिस लाइन चुर्क में हुई मासिक समीक्षा बैठक, बाल विवाह और पॉक्सो मामलों की रोकथाम पर मंथन


सोनभद्र। जनपद में बाल अपराधों की रोकथाम, बच्चों के संरक्षण और जरूरतमंद बच्चों के पुनर्वास को प्रभावी बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने अपनी कवायद तेज कर दी है। इसी क्रम में सोमवार को रिजर्व पुलिस लाइन चुर्क स्थित सभागार में विशेष किशोर पुलिस इकाई (एसजेपीयू) एवं मानव तस्करी रोधी इकाई (एएचटीयू) की मासिक समीक्षा एवं समन्वय बैठक आयोजित की गई। क्षेत्राधिकारी सदर सुधीर कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बाल अपराधों से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर विस्तार से चर्चा की गई।
पुलिस महानिदेशक, महिला सम्मान प्रकोष्ठ, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देशों के क्रम में तथा पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अभिषेक वर्मा के निर्देशन में आयोजित बैठक में विधि का उल्लंघन करने वाले बच्चों और देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों से संबंधित मामलों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बाल अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के साथ पीड़ित बच्चों को समय पर सहायता, संरक्षण और न्याय दिलाने के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने पर जोर दिया।
पॉक्सो मामलों और बाल विवाह की रोकथाम पर विशेष जोर
बैठक में किशोर न्याय अधिनियम एवं पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत दर्ज मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। पॉक्सो प्रकरणों में पीड़िताओं को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत करने तथा आवश्यक प्रारूप (क) एवं प्रारूप (ख) भरने की प्रक्रिया पर चर्चा हुई। इसके साथ ही बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने पर भी जोर दिया गया।
अधिकारियों ने निर्देश दिए कि विद्यालयों में बाल विवाह और पॉक्सो एक्ट के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा के उपायों और सहायता प्राप्त करने के तरीकों की जानकारी दी जाए। इसका उद्देश्य बच्चों को अपराधों से बचाने के साथ-साथ किसी भी अप्रिय स्थिति में समय रहते सहायता उपलब्ध कराना है।


विभागीय समन्वय से मजबूत होगा बाल संरक्षण तंत्र


बैठक के दौरान बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों एवं विवेचकों के समक्ष आने वाली समस्याओं पर भी चर्चा की गई। संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के समाधान, मामलों में आवश्यक कार्रवाई तथा बालकों की सुरक्षा, संरक्षण और पुनर्वास सुनिश्चित करने के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। इनमें बाल कल्याण समिति के सदस्य, डिप्टी सीएमओ, जिला विद्यालय निरीक्षक, चाइल्ड हेल्पलाइन यूनिट, किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य, बालिका गृह की अधीक्षिका, वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक तथा एएचटीयू एवं एसजेपीयू के अधिकारी शामिल रहे। इसके अलावा जनपद के समस्त थानों के बाल कल्याण अधिकारी भी मौजूद रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य बाल अपराधों की रोकथाम, पीड़ित बच्चों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने तथा पुलिस और संबंधित विभागों के बीच समन्वय मजबूत कर बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करना रहा।

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