आकाशीय बिजली से दो बच्चियों की मौत के बाद जागा एआईपीएफ

दुद्धी तहसील में तड़ित चालक यंत्र लगाने की मांग

बभनी (सोनभद्र) दुद्धी तहसील क्षेत्र के चौना गांव में आकाशीय बिजली गिरने से दो मासूम बच्चियों की दर्दनाक मौत और एक बालक के घायल होने की घटना ने क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी है। इस घटना के बाद ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट (AIPF) ने इसे सरकारी उपेक्षा का नतीजा बताते हुए जिलाधिकारी, मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखकर रोष व्यक्त किया है।
बीते शनिवार शाम चौना गांव में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 9 वर्षीय अर्चना (पुत्री विष्णु दयाल) और 8 वर्षीय आस्था (पुत्री राजेश कुमार) की जान चली गई, जबकि 12 वर्षीय हर्ष (पुत्र देवनारायण) गंभीर रूप से घायल हो गया।
एआईपीएफ के जिला सचिव इंद्रदेव खरवार ने भेजे गए पत्र में कहा है कि यह इस क्षेत्र की कोई पहली घटना नहीं है। पहाड़ी और पठारी इलाका होने के कारण हर साल आकाशीय बिजली के प्रकोप से कई ग्रामीणों की असमय मौत होती है। इसके बावजूद प्रशासन ने इस संवेदनशील क्षेत्र में सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं
इंद्रदेव खरवार ने कहा कि एआईपीएफ द्वारा लंबे समय से दुद्धी तहसील के पहाड़ी-पठारी अंचल में ‘तड़ित चालक यंत्र’ (Lightning Arrester) लगाने की मांग की जाती रही है, लेकिन प्रशासन की लापरवाही के कारण अब तक इस पर कोई अमल नहीं हुआ। उन्होंने इसे नागरिकों के जीवन की रक्षा के प्रति राज्य के दायित्वों का उल्लंघन करार दिया है
सुरक्षा व्यवस्था:दुद्धी तहसील के पूरे पहाड़ी-पठारी अंचल में बड़े पैमाने पर तड़ित चालक यंत्रों को तत्काल स्थापित किया जाए।
मुआवजा: चौना गांव में मृत बच्चियों के परिजनों और घायल बालक के परिवार को सरकार की ओर से समुचित मुआवजा दिया जाए।
एआईपीएफ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए, तो ग्रामीण और संगठन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

ये भी पढ़िए