आशा-संगिनी कार्यकत्रियों ने 10 सूत्रीय मांगों को लेकर सीएचसी दुद्धी में किया प्रदर्शन, चिकित्साधीक्षक को सौंपा ज्ञापन

जितेन्द्र कुमार चन्द्रवंशी दुद्धी (सोनभद्र)। आशा एवं आशा संगिनी कार्यकत्री सेवा समिति संगठन के सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी परिसर में आशा कार्यकर्ताओं एवं आशा संगिनी फैसिलिटेटरों ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद सीएचसी चिकित्साधीक्षक डॉ. वरुणा निधि को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। कार्यकत्रियों ने ज्ञापन में आशा एवं आशा संगिनी को राज्य कर्मचारी घोषित करने, आशा कार्यकर्ताओं को 21 हजार रुपये तथा आशा संगिनी फैसिलिटेटरों को 26 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय देने की मांग की। इसके साथ आभा कार्ड व आयुष्मान कार्ड को आशा गाइडलाइन एवं वाउचर से जोड़ने, पीएम मातृत्व वंदना योजना का लाभ पुनः देने तथा संगिनी फैसिलिटेटरों को इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी और 5जी स्मार्ट मोबाइल उपलब्ध कराने की मांग रखी गई।


ज्ञापन में संगिनी फैसिलिटेटरों के कार्य दिवस 24 से बढ़ाकर 30 करने, प्रतिदिन न्यूनतम 700 रुपये मानदेय, दुर्घटना में मृत्यु पर 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, लंबित मानदेय प्रोत्साहन राशि एवं वित्तीय वर्ष 2025-26 के कमिटेड बजट का शीघ्र भुगतान कराने की मांग शामिल है। आशा संगिनियों के लिए कैशलेस चिकित्सा, दवाइयों की सुविधा, सामाजिक सुरक्षा, पेंशन एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी मांगा गया।
प्रदर्शनरत कार्यकत्रियों ने बताया कि अगला प्रदर्शन 21 एवं 22 अक्टूबर को पुनः सीएचसी दुद्धी परिसर में होगा। इसके बाद 23 अक्टूबर को लखनऊ में प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रदर्शन में सविता, तारा देवी, कुमारी सुनीता, कविता देवी, सुनीता देवी, मंजू, उर्मिला सहित दर्जनों आशा कार्यकत्रियां एवं संगिनी फैसिलिटेटर मौजूद रहीं। कार्यकत्रियों ने कहा कि वे ग्रामीण स्तर पर मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, पोषण, टीबी, एनीमिया, आयुष्मान कार्ड और जननी सुरक्षा योजना जैसे कार्यक्रमों को धरातल पर लागू करने में अहम भूमिका निभा रही हैं, इसलिए उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय लिया जाए।

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