(अजीत कुमार)
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म्योरपुर-सोनभद्र।बनबासी सेवा आश्रम गोविंदपुर में केंद्रीय रेशम बोर्ड वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित एवं रेशम विकास विभाग उत्तर प्रदेश के सहयोग से स्थापित “सेरीकल्चर रिसोर्स सेंटर” का उद्घाटन रविवार को बनवासी आश्रम परिसर में किया गया। सचिव शुभा प्रेम एवं हेल्दी पीपुल प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के निदेशक चंदन शुक्ला, खादी ग्रामोद्योग के मैनेजर लाल बहादुर कुशवाहा एवं रेशम विकास विभाग सोनभद्र के सहायक रेशम विकास अधिकारी पंकज कुमार, खैराही क्षेत्र के कृषकों, आश्रम परिवार के विमल भाई, देवनाथ भाई, कृष्णा , रामबरन आदि बनवासी सेवा आश्रम के कार्यकर्ता एवं पदाधिकारियों की उपस्थिति में महिला कृषक शीला देवी द्वारा फीता काटकर सेंटर का शुभारंभ किया।

इस “सेरीकल्चर रिसोर्स सेंटर” पर तसर कृषकों को तसर संवर्धन की नवीनतम तकनीक का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है ताकि रेशम का उत्पादन एवं उत्पादकता बढे एवं लोगों को तसर आधारित आजीविका जैसे तसर कोया उत्पादन, धागाकरण, कपड़ा बुनाई से अधिक से अधिक लाभ मिल सके एवं और अधिक गुणवत्तापूर्ण रेशम का उत्पादन हो सके।डा एन.बी.चौधरी निदेशक सीएसबी-सीटीआरटीआई,रांची ने बनबासी सेवा आश्रम एवं राज्य रेशम विभाग उत्तर प्रदेश को इस कार्यक्रम के सफल संयुक्त आयोजन हेतु बधाई दिया है।साथ ही रेशम विकास विभाग उत्तर प्रदेश के निदेशक सुनील कुमार वर्मा को राज्य रेशम विभाग की तरफ से इस प्रशिक्षण हेतु हर संभव मदद करने एवं सहायक निदेशक रेशम सोनभद्र रनबीर सिंह को सोनभद्र में तसर रेशम को आगे बढ़ाने के लिए बनवासी सेवा आश्रम के साथ मिलकर विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन सफल बनाने हेतु एवं “सेरीकल्चर रिसोर्स सेंटर” पर तसर कृषकों के प्रशिक्षण की सफलता हेतु बधाई दिया। इस सेंटर के संयोजन में सीएस बी सीटीआरटीआई रांची के वैज्ञानिक डा विशाल मित्तल एवं डा जयप्रकाश पांडेय ने भी योदगान दिया।

