सोनभद्र: पुलिस लाइन में एसजेपीयू और एएचटीयू की समन्वय बैठक, बाल अपराधों को रोकने के लिए बनी मजबूत कार्ययोजना

चुर्क (सोनभद्र)। बालकों के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और पीड़ित बच्चों को त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से आज रिजर्व पुलिस लाइन चुर्क के कॉन्फ्रेंस हॉल में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। पुलिस महानिदेशक (महिला सम्मान प्रकोष्ठ, लखनऊ) और पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अभिषेक वर्मा के दिशा-निर्देशन में आयोजित इस मासिक समीक्षा एवं समन्वय बैठक की अध्यक्षता क्षेत्राधिकारी यातायात/लाइन डॉ. चारू द्विवेदी ने की।
पॉक्सो और जेजे एक्ट के मामलों की हुई गहन समीक्षा बैठक के दौरान स्पेशल जुवेनाइल पुलिस यूनिट (SJPU) और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) के कार्यों की प्रगति जांची गई। क्षेत्राधिकारी ने कानून का उल्लंघन करने वाले बच्चों से जुड़े प्रकरणों, किशोर न्याय (JJ Act) और पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज मुकदमों की बिंदुवार समीक्षा की। बैठक में पॉक्सो मामलों के पीड़ितों को समय से बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश करने, निर्धारित प्रारूप (क) और (ख) को सही तरीके से भरने, किशोर न्याय बोर्ड द्वारा जारी सम्मनों की शत-प्रतिशत तामिला कराने तथा बच्चों की सामाजिक पृष्ठभूमि रिपोर्ट (एसबीआर) को गुणवत्तापूर्ण ढंग से तैयार करने पर विशेष बल दिया गया। समस्याओं पर चर्चा और त्वरित निस्तारण के निर्देश इस दौरान विभिन्न थानों से आए बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों और विवेचकों ने फील्ड में कार्य के दौरान आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों को अधिकारियों के सामने रखा, जिसके त्वरित समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। डॉ. चारू द्विवेदी ने कहा कि बाल संरक्षण तंत्र को और अधिक संवेदनशील और प्रभावी बनाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल होना अनिवार्य है। बालकों के हितों की रक्षा और त्वरित कार्रवाई के उद्देश्य से आयोजित इस बैठक में बाल कल्याण समिति के सदस्य, डिप्टी सीएमओ (चिकित्साधिकारी), संयुक्त निदेशक अभियोजन, जिला शासकीय अधिवक्ता, जिला बाल संरक्षण इकाई व किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य, चाइल्ड हेल्पलाइन यूनिट, बाल गृह (बालिका) के प्रभारी सहित श्रम विभाग, वन स्टॉप सेंटर, एएचटीयू, एसजेपीयू और जनपद के समस्त थानों के बाल कल्याण पुलिस अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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