सोनभद्र के चार पुलिसकर्मियों को बनाया था निशाना, लखनऊ से दबोचे गए आरोपी; मोबाइल, लैपटॉप व कार बरामद
(ऋषभ सिंह)सोनभद्र। साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सोनभद्र पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने शेयर ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 25.03 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार शातिर आरोपियों को लखनऊ से गिरफ्तार किया है। इस गिरोह ने जनपद में तैनात चार पुलिसकर्मियों को ही अपना शिकार बनाकर लाखों रुपये की ठगी की थी।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में साइबर क्राइम थाना और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पांच मोबाइल फोन, एक लैपटॉप तथा वारदात में प्रयुक्त एक चार पहिया वाहन बरामद किया गया है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश और ठगी गई शेष रकम की बरामदगी में जुटी है। पुलिस के अनुसार, चोपन क्षेत्र में तैनात कांस्टेबल दीपक कुमार वर्मा को Botbro, Crossmarket और MineCrypto नामक ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए 8 से 10 प्रतिशत लाभ का लालच दिया गया। झांसे में आकर उन्होंने अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की, जिसके बाद उनसे 10.70 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। शिकायत दर्ज होने पर साइबर क्राइम थाना ने मामला दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू की। जांच के दौरान बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजेक्शन का विश्लेषण किया गया। इसमें सामने आया कि यही गिरोह सोनभद्र में तैनात चार पुलिसकर्मियों से कुल 25.03 लाख रुपये की साइबर ठगी कर चुका है। साक्ष्यों के आधार पर लखनऊ निवासी सुफियान, मोहम्मद दानिश, अरशद सिद्दीकी और तुफैल खान की पहचान हुई।
साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक धीरेन्द्र कुमार चौधरी के नेतृत्व में गठित टीम ने स्वाट टीम के सहयोग से लखनऊ में दबिश देकर 30 जून की रात चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देकर निवेश कराते थे। रकम मिलने के बाद उसे कई बैंक खातों में ट्रांसफर कर आपस में बांट लेते थे। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के नेटवर्क और बैंक खातों की विस्तृत जांच की जा रही है। संभावना है कि इस गिरोह ने अन्य राज्यों के लोगों को भी इसी तरह ठगी का शिकार बनाया है।
साइबर पुलिस की अपील
सोनभद्र पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग, क्रिप्टो निवेश या कम समय में अधिक मुनाफा दिलाने के किसी भी झांसे में न आएं। निवेश से पहले संबंधित प्लेटफॉर्म की सत्यता अवश्य जांचें। साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन या निकटतम साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराएं।

