चोपन पुलिस व यूपी-112 की मुस्तैदी से बची महिला की जान, फंदे से उतारकर दिया CPR

पारिवारिक कलह में महिला ने उठाया आत्मघाती कदम; खिड़की तोड़कर कमरे में घुसे जवान, इलाके में सराहना

सोनभद्र : जनपद के थाना चोपन क्षेत्र में पुलिस और यूपी-112 की टीम ने देवदूत बनकर एक महिला को मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया। पारिवारिक विवाद के चलते फांसी के फंदे पर लटकी एक महिला को पुलिसकर्मियों ने न सिर्फ समय रहते नीचे उतारा, बल्कि बंद हो चुकी सांसों को सीपीआर (CPR) देकर दोबारा चालू कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार, अगर चंद मिनटों की भी देरी होती तो महिला की जान बचाना असंभव था। पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक वर्मा के निर्देशन में जिले में चलाई जा रही त्वरित सुरक्षा एवं सहायता मुहिम के तहत यह सराहनीय कार्य किया गया है।

खिड़की से फंदा लगाते देख दहल गए जवान

प्राप्त जानकारी के अनुसार, चोपन नगर पंचायत के अम्मा टोला निवासी अनिल कुमार पुत्र रमेश कुमार अपनी पत्नी छोटी के साथ किराए के मकान में रहते हैं। शनिवार-रविवार (16/17 मई) की रात पारिवारिक विवाद के बाद पत्नी छोटी ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। अनहोनी की आशंका को देखते हुए इसकी सूचना तत्काल यूपी-112 को दी गई।
सूचना मिलते ही पीआरवी वाहन संख्या-1070 पर तैनात मुख्य आरक्षी नरेंद्र कुमार पटेल और आरक्षी सुनील कुमार गौड़ बिना वक्त गंवाए मौके पर पहुंचे। जब जवानों ने खिड़की से झांककर देखा, तो महिला पंखे के सहारे साड़ी का फंदा बना रही थी। पुलिसकर्मियों ने उसे समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन देखते ही देखते महिला फंदे पर झूल गई।

साहस दिखाकर तोड़ी खिड़की, बंद सांसों को दी ‘जिंदगी’

स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी थी। पुलिस टीम ने तुरंत सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए कमरे की खिड़की को तोड़ दिया और भीतर दाखिल हुए। फंदे से उतारे जाने तक महिला की सांसें पूरी तरह थम चुकी थीं। ऐसी नाजुक स्थिति में जवानों ने हिम्मत नहीं हारी और तत्काल महिला को सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) देना शुरू किया। कुछ ही मिनटों की मशक्कत के बाद महिला की थमी हुई सांसें दोबारा चलने लगीं।

अस्पताल में भर्ती, हालत सामान्य

चेतना लौटते ही पुलिस ने महिला को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) चोपन पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों का कहना है कि मौके पर मिले समयोचित सीपीआर के कारण ही महिला को नया जीवन मिल सका है। वर्तमान में महिला की स्थिति पूरी तरह सुरक्षित और सामान्य है। पुलिस टीम की इस त्वरित कार्रवाई, संवेदनशीलता और मानवीय चेहरे की परिजनों सहित स्थानीय लोगों द्वारा भूरि-भूरि प्रशंसा की जा रही है।

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