रिपोर्ट मदन मोहन नौगढ़ चंदौली। शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर नौगढ़ क्षेत्र के बरवाडीह मार्केट में इन दिनों भक्तिमय और आध्यात्मिक माहौल बना हुआ है। नवरात्रि के इस पवित्र अवसर पर माता रानी की आराधना और विभिन्न पूजन अनुष्ठानों के बीच बरवाडीह निवासी अजोरिया देवी (पत्नी स्वर्गीय निरंजन) की माता के प्रति अटूट आस्था और समर्पण पूरे क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बनी हुई है।
माता रानी के प्रति उनकी गहरी निष्ठा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह पिछले कई वर्षों से लगातार नवरात्रि की अष्टमी तिथि को ‘जेई’ (जवारा/निशा) सजाकर मां मैहर और मां अमिला धाम के नाम पर भव्य कलश यात्रा का आयोजन करती आ रही हैं।
गाजे-बाजे और पारंपरिक उल्लास के साथ निकली कलश यात्रा
अजोरिया देवी की अगुवाई में आयोजित होने वाली यह कलश यात्रा पूरे पारंपरिक उल्लास, उमंग और गाजे-बाजे के साथ बरवाडीह मार्केट में भ्रमण करती है। इस यात्रा में बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु शामिल होकर माता रानी के जयकारे लगाते हैं, जिससे पूरा बाजार क्षेत्र पूरी तरह भक्ति के रंगों में सराबोर हो जाता है।
“भक्ति और श्रद्धा से दूर होते हैं दुख व संताप”
अपनी अटूट आस्था के बारे में साझा करते हुए अजोरिया देवी कहती हैं:
मैं माता की एक साधारण भक्त हूँ और मुझ पर हमेशा माता रानी की असीम कृपा बरसती है। हमारे यहाँ काफी संख्या में लोग अपनी दुख-पीड़ा और मनोकामनाएं लेकर आते हैं। जो भी सच्चे भक्ति भाव और श्रद्धा के साथ आता है, माता रानी उसके सभी संकटों को दूर कर उसका कल्याण करती हैं।”
विशिष्ट जनों का हुआ सम्मान
इस धार्मिक और पवित्र अनुष्ठान के दौरान क्षेत्र के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर माता जी अंजोरिया देवी द्वारा जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी राम जियावन सिंह यादव (एडवोकेट), एडवोकेट रियाज़ खान, कल्लू जायसवाल, अफसार और मदन मोहन (पत्रकार) को माला पहनाकर व अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया तथा उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया गया।
आपसी सौहार्द और भाईचारे का प्रतीक
अजोरिया देवी का यह धार्मिक अनुष्ठान क्षेत्र के लोगों के लिए आस्था और विश्वास का एक जीवंत प्रतीक बन गया है। नवरात्रि के इन पवित्र दिनों में बरवाडीह मार्केट में गूंजते माता के जयकारों से न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो रहा है, बल्कि इससे आपसी सौहार्द और भाईचारा भी मजबूत हो रहा है। क्षेत्रवासियों की यही कामना है कि माता रानी की कृपा और बरवाडीह की यह पावन परंपरा सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए।

