(नसीम सिद्दीकी) कोन/सोनभद्र। ओबरा तहसील के ब्रह्मोरी बालू साइड में सोन नदी के बीचों-बीच नदी को बाधा जा रहा है, नदी में बड़े-बड़े पत्थर डालकर नदी की धारा को मोड़ते हुए जंगल की हजारों गाड़ी झाड़ियों को भी नदी मे डाला जा रहा है, व दर्जनों पोकलेन मशीन द्वारा नदी की धारा को अवरुद्ध किया जा रहा है, जिसकी शिकायत सम्बन्धित अधिकारियों को किया गया था, जिस पर कोई कार्यवाही न होने की स्थिती में राष्ट्रीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार जायसवाल ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा है- की खनन नियमों को धज्जिया उड़ाते हुए नदी की बिच से रास्ता बनाया जा है। इस प्रकिया से न केवल नदी के प्राकृतिक प्रवाह मे रुकावट आ रही है बल्कि पर्यावरण संरक्षण कानूनों का का भी अनदेखा किया जा रहा है, भारतीय खनिज संरक्षण नियम के तहत नदी के भीतर खनन करना और किसी भी प्रकार का निर्माण करना अवैध है। इसके बावजूद ब्रह्मोरी बालू साइड में नदी के बीचो बीच अवैध रास्ता बनाया जा रहा है। अवैध बालू खनन, सोन नदी, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986, वन संरक्षण अधिनियम, 1928, जल प्रदुषण की रोकथाम और नियंत्रण अधिनियम, 1974-29, और वायु प्रदूषण के रोकथाम और नियंत्रण अधिनियम, 1981-30 और वन्य जीवन संरक्षण अधीनियम, 1972, और खान और खनिज, विकास और विनियमन 1957 के तहत सुनिश्चित है की नदी की बहाव और जैव विविधता सुरक्षित रहे, लेकिन पोपलेन मशीनों के उपयोग से नदी की प्राकृतिक स्वरूप को भारी नुसकान पहुंचाया जा रहा है। वही ब्रह्मोरी बालू साइड में हो रहे अवैध खनन व नदी के बीचो बिच रपटा, पुलिया निर्माण यह प्रदर्शित कर रहा है की सम्बन्धित विभाग इस भ्रस्टाचार में पूर्ण रूपेण संलिप्त है। खनन गतिविधियों में हो रही अनिमियताओ को लेकर RJP प्रमुख व बनवासी सेवा संस्थान (ट्रस्ट) सचिव सुरेन्द्र कुमार जायसवाल उर्फ राजू ने अवैध खनन पर चिंता वयक्त करते हुए कहा है की यदि जिला प्रशासन द्वारा ब्रह्मोरी साइड पर हो रहे भ्रस्टाचार व NGT के नियमों का उल्लंघन करने वाले पट्टाधारको पर तत्काल प्रभाव से कानूनी कार्यवाही नही की गयी तो पार्टी संगठन सड़क पर उतरने को बाध्य होगी।

