दिव्यांग का जीवन अब होगा आसान इलेक्ट्रिक मोबिलिटी कार्ट के साथ

गोवा के छात्र राजवीर वैनगणकर का गहन प्रयोगात्मक अनुसंधान

श्री बलराम आवासीय हाई स्कूल, आदर्शग्राम-अमोन, कैनाकोना, दक्षिण-गोवा के छात्र राजवीर वैनगणकर ने सहयोगी शिक्षक सिद्धार्थ अइया के साथ विकलांग व्यक्तियों के लिए बहुक्रियाशील गाड़ी का मॉडल तैयार किया है, इस अद्भुत एवं अनुपम मॉडल के द्वारा विकलांग, दिव्यांग व्यक्तियों का जीवन पूरी तरह बदल जाएगा! इस उत्कृष्ट मॉडल के प्रदर्शन बाबत पर्यावरण संस्कृति संरक्षण एवं मानव कल्याण ट्रस्ट के अध्यक्ष सुशील कुमार जैन द्वारा गोवा के छात्र राजवीर वैनगणकर एवं सहयोगी शिक्षक सिद्धार्थ अइया को सम्मानित किया गया!
राजवीर वैनगणकर एवं सहयोगी शिक्षक सिद्धार्थ अइया ने बताया कि यह देखा गया है कि आज की तेजी से भागती दुनिया में किसी के पास दूसरों के लिए समय नहीं है।इसलिए दिव्यांग व्यक्ति की देखभाल में सवाल उठते हैं, चाहे वह बुढ़ापे, जन्म से हुई या अचानक हुई दिव्यांगता की वजह से हो।
एक दिव्यांग व्यक्ति या लंगड़ा व्यक्ति अपनी ज़िंदगी जीने में कई मुश्किलों का सामना करता है। इसलिए उसे आने-जाने के लिए परिवार के सदस्यों या देखभाल करने वाले पर निर्भर रहना पड़ता है। और हर समय मदद मिलना मुश्किल हो जाता है। सबसे ज़्यादा परेशानी तब होती है जब कोई लंगड़ा व्यक्ति अकेला होता है।
इसलिए उसे अपने रोज़ के काम करने में दिक्कत होती है। इससे उस दिव्यांग व्यक्ति को मानसिक तनाव भी होता है।
इसलिए इन दिक्कतों को दूर करने के लिए हमने ऐसे दिव्यांग व्यक्ति के लिए मोटर वाली इलेक्ट्रिक मोबिलिटी कार्ट का एक प्रोटोटाइप बनाने के बारे में सोचा। व्यक्ति इस कार्ट को रिमोट कंट्रोल से चला सकता है। साथ ही कार्ट को वॉइस कमांड पर जवाब देने और रुकावटों का पता लगाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस तरह यह कार्ट लंगड़े व्यक्ति के लिए बिना किसी दूसरे व्यक्ति की मदद के घूमने-फिरने में मददगार होगी। इस तरह दिव्यांग व्यक्ति आत्मनिर्भर बन जाएगा।
यह कार्ट स्मार्टफोन से चलती है। इसमें अल्ट्रासोनिक और IR सेंसर हैं जो दुर्घटनाओं से बचने और व्यक्ति की सुरक्षा के लिए रुकावटों और किनारों का पता लगाते हैं। यह कार्ट स्पीड कंट्रोल के लिए स्मार्टफोन के पैन और टिल्ट पर भी रिस्पॉन्ड करती है। यह कार्ट देखने में दिक्कत वाले व्यक्ति के लिए भी घूमने-फिरने में मददगार हो सकती है क्योंकि इसमें रुकावटों और किनारों को पहचानने वाली टेक्नोलॉजी है। सेंसर को ARDUINO माइक्रोकंट्रोलर लगातार मॉनिटर करता है। कार्ट ब्लूटूथ के ज़रिए स्मार्टफोन से कम्युनिकेट करती है।

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