दिल्ली : पर्यावरण संस्कृति संरक्षण एवं मानव कल्याण ट्रस्ट अध्यक्ष सुशील कुमार जैन ने बताया कि रवि एम. आर., मंगलूरु एक जुनूनी चित्रकार हैं, जो 2003 से कला के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने महालसा स्कूल ऑफ आर्ट्स, मंगलूरु से पांच वर्षों का फाइन आर्ट्स में स्नातक डिग्री प्राप्त की है। इसके अलावा उन्होंने एक वर्ष का ब्रिज कोर्स भी किया है जिससे उनकी पारंपरिक और समकालीन कला शैलियों में दक्षता और भी निखरी है।
पेंटिंग रवि का बचपन से ही जुनून रहा है। भले ही उन्होंने आर्किटेक्चर की भी पढ़ाई की है और उनकी पत्नी फैशन डिजाइन के क्षेत्र में कार्यरत हैं, लेकिन उनका मुख्य झुकाव हमेशा दृश्य कला (विज़ुअल आर्ट) की ओर ही रहा है। उनकी कलात्मक दृष्टि यथार्थवाद (रियलिज़्म) को समकालीन अभिव्यक्ति (कंटेम्पररी एक्सप्रेशन) से जोड़ती है। वे पेंटिंग को सिर्फ एक व्यावसायिक उत्पाद नहीं मानते—बल्कि इसे एक भावनात्मक और रचनात्मक यात्रा मानते हैं।

पिछले दो दशकों में, रवि एम. आर. ने खुद को एक परिष्कृत चित्रकार के रूप में स्थापित किया है, जिनके कार्य में तकनीक और आत्मा का सुंदर संतुलन देखने को मिलता है। उनके चित्र देश के कुछ प्रमुख नेहरू सेंटर, मुंबई,जहांगीर आर्ट गैलरी, मुंबई,ललित कला अकादमी, दिल्ली,भारत भवन, भोपाल, बेंगलुरु और चेन्नई में विभिन्न प्रदर्शनियां आर्ट गैलरीज़ और प्रदर्शनी स्थलों में प्रदर्शित हो चुके हैं।
उनकी कला को टाइम्स ऑफ इंडिया और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख प्रकाशनों में स्थान मिला है, और उनकी पेंटिंग्स भारत भवन, भोपाल जैसे प्रसिद्ध कला संग्रहालयों में शामिल हैं।
रवि का काम सिर्फ उसकी सुंदरता के लिए नहीं जाना जाता, बल्कि उसकी ईमानदारी और भावनात्मक गहराई के लिए भी सराहा जाता है। उनके यथार्थवादी और समकालीन विषय आम जनता से जुड़ाव बनाते हैं। वे अपने चित्र इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और व्यक्तिगत संपर्कों के माध्यम से बेचते हैं—वे व्यावसायिक रिटेल से अधिक प्रत्यक्ष संवाद को प्राथमिकता देते हैं।
रवि सिर्फ एक कलाकार नहीं हैं, बल्कि एक दृश्य कथाकार (विज़ुअल स्टोरीटेलर) हैं। उनकी गहरी कला शिक्षा और स्पष्ट दृष्टिकोण उन्हें एक प्रेरणास्रोत बनाते हैं। वे अपने इस विश्वास पर अडिग रहते हुए कला की दुनिया को प्रेरित करते हैं:
“पेंटिंग सिर्फ एक उत्पाद नहीं—बल्कि यह जीवन की अभिव्यक्ति है।”

