एक्सीयन कट रहा मलाई, सप्लाई में रूलाई, भ्रष्टाचार चरम पर
(राहुल गुप्ता)चुनार,मिर्जापुर।विद्युत वितरण विभाग चुनार के कार्यालय में अनियमितताओं का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सालों से चल रहे घोटाले की पोल खुल गई है।
बिजली विभाग के कार्यालयों में पी0डी0 का धंधा इतनी मजबूती से जड़ पकड़ लिया है। सूत्रों के मुताबिक जो भी बकायेदरो विजली विभाग में बकाया विद्युत बिल जमा करने जाते है तो विभाग के कर्मचारी कहते है कि बिल मत जमा करो। जो बिल है उसको आधा दे दो मैं सब एस.डी.ओ. और एक्सीयन कार्यालय से समाप्त करा बिल पूरा दुगाँ। नही तो बिल जमा करना है तो जाइए जमा करियें। जिसका जीता जागता उदाहरण इस प्रकार है। अहरौरा में एक चम्पारन रेस्टोरेंट है। जहाँ वर्ष 2014 मे कामर्शियल विद्युत कनेक्शन, गनेश 510 घुरहू लतीफपुर अहरौरा के नाम से खाता सं0 5455362000 का बकाया रू0 419469/- था जिसे पी०डी० करके उसी जगह उन्ही के नाम पर पुन: खाता सं0 1880552000, का नया कनेक्शन 2017 में किया गया। जब उसका भी बिल विद्युत बिल रू0 218873/= हो गया तो उसे भी बगैर जमा कराये पी० डी० कर दिया गया। पुन, उसी परिषर पर वर्ष 2025 मे नया कनेक्शन दे दिया गया है। जिसका खाता सं0 5067721992 है। इसी तरह के कई उदाहरण है। जिसमें मुख्या भूमिका अधिसाथी अभियन्ता व उपखण्ड अधिकारी व अवर अभियन्ता कर्यालय की होती है। जिसमें एक ऐसा भी उदाहरण के तौर पर देखने को मिला है कि अधिशाषी अभियन्ता द्वारा पी०डी० कर दिया गया है। परन्तु बाबूजी को हिस्सा नहीं मिला तो वह उस पी०डी०को जिसका कनेक्शन नं0 7171195359 है परन्तु बाबू जी को हिस्सा नही मिला तो वह उस पी०डी० को फर्जी बता रहें है। उपभोक्ता से बिल जमा कराने का दबाव बनाया जा रहा है।
क्या सरकार में जीरो टॉलरेंस का दावा महज दिखावा?
योगी सरकार ने अपने कार्यकाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का दावा किया था। लेकिन चुनार विद्युत वितरण विभाग के कार्यालय एक्सीयन में भारी भ्रष्टाचार व घोटाले किए जा रहे हैं।इस दावे को खोखला साबित करता है। उच्च अधिकारियों का रवैया सवालों के घेरे में है। जनता की आवाज प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल खड़े हो रहे है। वही चुनार विद्युत वितरण विभाग की जनता का कहना है कि यह मामला “नीचे से ऊपर और ऊपर से नीचे तक के प्रबंधन” का एक बड़ा उदाहरण है। शिकायतों और मीडिया रिपोर्ट्स के बावजूद एक्सीयन को लगातार संरक्षण दिया जा रहा है।
जनता का सवाल-क्या होगी कड़ी कार्रवाई?
अब देखना यह है कि क्या एसडीओ व एक्सीयन पर गाज गिरेगा की मामले को ठंडे बस्ते में डाल देगा, या फिर पूरे सिस्टम की सफाई की जाएगी? आम जनता का विश्वास तभी कायम होगा जब दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।

