जल जीवन मिशन की क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों की पांच दिन में आख्या, जल्द शुरू होगी मरम्मत

पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने पर डीएम सख्त, संयुक्त स्थलीय निरीक्षण के निर्देश

सोनभद्र। जल जीवन मिशन ‘हर घर जल’ के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने को लेकर जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ ने सख्त रुख अपनाया है। क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों के कारण प्रभावित पेयजल आपूर्ति को शीघ्र बहाल कराने के लिए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को संयुक्त स्थलीय निरीक्षण कर पांच दिवस के भीतर स्पष्ट आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला पेयजल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में जल जीवन मिशन के तहत क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों से प्रभावित पेयजल आपूर्ति की समीक्षा की गई। उन्होंने निर्देश दिया कि उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) सहित संबंधित विभागों के अधिकारी तत्काल समन्वय स्थापित कर मौके पर पहुंचें और पाइपलाइनों की क्षति का वास्तविक सत्यापन करें।
अधिशासी अभियंता श्री राजेश कुमार गुप्ता ने बताया कि जल जीवन मिशन ‘हर घर जल’ के अंतर्गत जनपद में निर्माणाधीन एवं निर्मित 12 ग्रामीण ग्राम समूह पाइप पेयजल योजनाओं के तहत बिछाई गई पाइपलाइनों को सड़क चौड़ीकरण, नाली निर्माण, विद्युतीकरण तथा अन्य निर्माण कार्यों के दौरान कुछ स्थानों पर क्षति पहुंची है। इसके चलते कुछ क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई है।
जिलाधिकारी ने प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग, निर्माण खंड लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग कनहर, यूपीपीसीएल, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (RED) तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों का विवरण तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही आवश्यक मरम्मत एवं पुनर्स्थापना कार्य का आकलन कर पांच दिन के भीतर तथ्यात्मक रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा।
डीएम ने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट मिलते ही क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों की मरम्मत और पुनर्स्थापना का कार्य बिना अनावश्यक विलंब के शुरू कराया जाए। जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण पेयजल आपूर्ति बाधित है, वहां प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करते हुए जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल की जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि ग्रामीण जनता को शुद्ध एवं निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध कार्रवाई करने तथा भविष्य में सड़क, नाली, विद्युतीकरण अथवा अन्य निर्माण कार्यों के दौरान पेयजल पाइपलाइनों को क्षति से बचाने के लिए पहले से आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा से जुड़े कार्यों में अनावश्यक देरी या लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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