शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार अत्याधुनिक एडवांस स्टडी बोर्ड तैयार
” पढ़ेगा इंडिया तभी बढ़ेगा इंडिया”
वीर प्रसूता भूमि राजस्थान के उदयपुर जिले में स्थित एक छोटा-सा गाँव सिंधु आज नवाचार और प्रतिभा का प्रतीक बन गया है।राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सिंदु ख़ेमली उदयपुर राजस्थान के मेधावी छात्र हर्ष सुथार ने पारंपरिक ब्लैक और ग्रीन बोर्ड की जगह एक अत्याधुनिक एडवांस स्टडी बोर्ड तैयार किया है, जो वर्तमान इंटरैक्टिव बोर्डों से बिल्कुल अलग और अनोखा है।
पर्यावरण संस्कृति संरक्षण एवं मानव कल्याण ट्रस्ट के अध्यक्ष सुशील कुमार जैन द्वारा अत्याधुनिक एडवांस स्टडी बोर्ड के उत्कृष्ट प्रदर्शन बाबत छात्र हर्ष सुथार एवम मार्गदर्शक शिक्षिका श्रीमती पूर्णिमा पालीवाल को सम्मानित किया एवं शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार हेतु आपके कार्य की सराहना की!
हर्ष सुथार की मार्गदर्शक शिक्षिका श्रीमती पूर्णिमा पालीवाल ने कक्षा-कक्ष में कई व्यावहारिक समस्याएँ महसूस कीं—
बारिश के दिनों में हल्की-सी गलती से 2–3 दिनों तक बिजली गुल रहना,अधिक नामांकन होने के कारण विद्यार्थियों की उपस्थिति लेना चुनौतीपूर्ण होना,प्रतिदिन तिथि, अवधि और विषय बार-बार बदलना,बोर्ड साफ करते समय उठने वाली धूल से एलर्जी की समस्या। इन्हीं वास्तविक चुनौतियों को आधार बनाकर तैयार किए गए एडवांस स्टडी बोर्ड ने इन समस्याओं का बड़ा समाधान प्रस्तुत किया है।

बोर्ड की प्रमुख विशेषताएँ
- स्वचालित तिथि, अवधि और विषय अपडेट
बोर्ड स्वयं-ही प्रतिदिन की तिथि, पीरियड और विषय को अपडेट कर देता है। इससे शिक्षक का समय और मेहनत दोनों बचते हैं। - कैमरा-आधारित स्वचालित उपस्थिति प्रणाली
कैमरा विद्यार्थियों की उपस्थिति स्वतः दर्ज कर लेता है, जिससे शिक्षक कक्षा का समय बेहतर ढंग से उपयोग कर पाते हैं। - सेल्फ-क्लीनिंग सिस्टम
बोर्ड में स्वयं-सफाई प्रक्रिया लगी है, जिससे धूल उड़ने की समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाती है और एलर्जी का जोखिम भी घटता है। - ऊर्जा उत्पादन और बचत
ब्लैकबोर्ड पर लिखते समय शिक्षक मंच पर चलते हैं, जहाँ लगा विशेष प्रेशर प्लेट सिस्टम चलने के दबाव से बिजली उत्पन्न करता है।
यह ऊर्जा कक्षा के पंखों और ट्यूबलाइट को चलाने में सक्षम है।
इसके अलावा, ISI सेंसर कक्षा में किसी के न होने पर पंखा और रोशनी स्वयं बंद कर देता है—इस प्रकार बिजली की बचत भी होती है। - डबल बोर्ड सुविधा
गणित के लंबे प्रश्न या वैज्ञानिक आकृतियाँ एक बार में नहीं आ पातीं। इसलिए इसमें स्लाइडिंग तकनीक वाला डबल बोर्ड लगाया गया है, जिससे आसानी से दूसरा बोर्ड उपयोग किया जा सकता है। - एकीकृत स्मार्ट स्क्रीन
बोर्ड में लगी स्क्रीन पर कक्षा 1 से 10 तक के RBSE और CBSE के सभी विषयों के वीडियो और नोट्स उपलब्ध हैं।
किसी भी चित्र या अवधारणा को तुरंत दिखाकर शिक्षक विद्यार्थियों को बेहतर ढंग से समझा सकते हैं। - शिक्षक अनुपस्थिति में भी सीखने की सुविधा
यदि शिक्षक अनुपस्थित हों या देर से आएँ, तो यह बोर्ड विद्यार्थियों से प्रश्न पूछकर अभ्यास करवाता है और विषय-वस्तु भी पढ़ा सकता है। - कम लागत और अत्यधिक उपयोगी
जहाँ एक ओर इंटरैक्टिव बोर्ड 2 से 2.5 लाख रुपये में आते हैं, वहीं हर्ष सुथार का यह बोर्ड कम लागत में अधिक सुविधाएँ प्रदान करता है।
कम बजट वाले प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए यह अत्यंत उपयुक्त है।यह पोर्टेबल भी है, इसलिए रात्रिकालीन शिक्षण कार्यक्रमों में भी उपयोगी हो सकता है। सुशील कुमार जैन ने बताया कि विद्यार्थी हर्ष सुथार और उनकी प्रेरक व मार्गदर्शक शिक्षिका श्रीमती पूर्णिमा पालीवाल द्वारा बनाया गया यह एडवांस स्टडी बोर्ड शिक्षा के क्षेत्र में एक बहुउपयोगी, समय-संचयक और नवोन्मेषी कदम है।यह बदलती शिक्षा पद्धति के अनुरूप है और पारंपरिक शिक्षण प्रक्रिया में नवीनता, रोचकता और प्रभावशीलता बढ़ाता है।
हमें पूर्ण विश्वास है कि यह छोटा-सा प्रयास उत्कृष्ट नवाचार का उदाहरण बनेगा और शिक्षा की गुणवत्ता में महत्वपूर्ण योगदान देगा—क्योंकि पढ़ेगा इंडिया तभी बढ़ेगा इंडिया.

