अयोध्या में सपा के अवधेश प्रसाद जीते:55 हजार से अधिक वोटों से हारे भाजपा के लल्लू सिंह, नहीं बना पाए हैट्रिक

अयोध्या : ना मथुरा न काशी अबकी अवधेश पासी, यह नारा फैजाबाद लोकसभा क्षेत्र में जमकर गूंजा, सामान्य सीट पर दलित अवधेश प्रसाद ने जीत दर्ज की है, ऐसा अयोध्या के इतिहास में पहली बार हुआ है जब सीट सामान्य हो और जीत का सेहरा एक दलित प्रत्याशी पर सजा हो, जी हां यह है मिल्कीपुर के वर्तमान विधायक दलित अवधेश प्रसाद, अखिलेश यादव ने सामान्य सीट पर एक दलित को टिकट देकर सभी को चौंका दिया था लेकिन अखिलेश यादव का या प्रयोग सफल रहा, यही नहीं अयोध्या में राम मंदिर मुद्दा फेल हो गया, फैजाबाद लोकसभा क्षेत्र से भाजपा की करारी शिकस्त हुई है, जनता की नाराजगी भाजपा प्रत्याशी लल्लू सिंह को ले डूबी, ओवर कॉन्फिडेंस जनता को इग्नोर करना विकास के नाम पर तोड़फोड़ और उचित मुआवजा न देना भाजपा को ले डूबा और इसी मुद्दे को लेकर इंडिया गठबंधन के सपा प्रत्याशी अवधेश प्रसाद मैदान में उतरे थे, इंडिया गठबंधन के सपा प्रत्याशी अवधेश प्रसाद ने भाजपा के लल्लू सिंह को लगभग 55000 वोटो से हराया है, मतगणना शुरू होने से लेकर अंतिम समय तक अवधेश प्रसाद बढ़त बनाए रखे, काउंटिंग के दौरान कांटे की टक्कर देखी गई कभी 2000 से आगे कभी 5000 से आगे होते हुए 55000 की लीडिंग सपा ने ले ली, फैजाबाद लोकसभा में पांच विधानसभा है अयोध्या बीकापुर मिल्कीपुर रुदौली और बाराबंकी का दरियाबाद, जिस अयोध्या विधानसभा से भाजपा पूर्व में 50000 से अधिक लीड लेती थी उस अयोध्या विधानसभा में भाजपा केवल 4600 वोट से ही आगे रही, बाकी चारों विधानसभा में इंडिया गठबंधन ने अपना पताका फहराया, इंडिया गठबंधन के अवधेश प्रसाद काउंटिंग के पहले ही कह चुके थे कि उन्हें जनता ने जीत का सर्टिफिकेट दे दिया है, माना जा रहा है कि विकास के नाम पर राम पथ निर्माण के दौरान लोगों के मकान और दुकाने तोड़े गए और उन्हें उचित मुआवजा भी नहीं दिया गया, दरअसल नवाबों की नगरी फैजाबाद में ऐसे मकान बने हैं जो नजूल की जमीन पर बने थे, जिस पर मकान मालिकों को मुआवजा नहीं दिया गया, कहा गया कि यह सरकारी जमीन है इसका मुआवजा नहीं दिया जाएगा, इसी तरह से 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण में भी हजारों मकान और दुकान आई जिनको तोड़ दिया गया और कहा गया कि आपका मकान नजूल की जमीन पर है इसका मुआवजा नहीं दिया जाएगा, इसका खामियाजा भाजपा को भुगतना पड़ा और लल्लू सिंह को हार का सामना करना पड़ा।

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