मानवता की सेवा और एकता का संदेश ओबरा में हर शनिवार खिचड़ी का विशाल भंडारा

पत्रकार अजीत सिंह की पहल बनी प्रेरणा, न गरीब, न अमीर के भाव से जुड़ रहा समाज

न गरीब, न अमीर के भाव से जुड़ रहा समाज श्रीराम सेवा समिति की पहल बनी प्रेरणा

(रँगेश सिंह)ओबरा, सोनभद्र। में श्रीराम सेवा समिति द्वारा शुरू किया गया साप्ताहिक खिचड़ी भंडारा अब समाज में आपसी सद्भाव और मानव सेवा की भावना को बढ़ावा देने का एक उत्कृष्ट उदाहरण बन गया है। यह पहल पत्रकार अजीत सिंह की एक छोटी सी संकल्पना के रूप में शुरू हुई, जिसका मुख्य उद्देश्य मानवता की सेवा और सच्ची एकता स्थापित करना है। समिति इस आयोजन के माध्यम से समानता और भाईचारे का सशक्त संदेश दे रही है। 4 सितंबर 2025 को ओबरा के सुभाष तिराहे पर स्थित हनुमान मंदिर में सातवें शनिवार खिचड़ी भंडारे का सफल आयोजन किया गया। यह धार्मिक और जनकल्याणकारी आयोजन हर शनिवार को शाम 5:00 बजे प्रारंभ होता है।
समिति का मुख्य ध्येय ‘न कोई अमीर न कोई गरीब’ की भावना को स्थापित करना है। भंडारे में क्षेत्र के गरीब और अमीर सभी लोगों ने एक समान रूप से भक्तिभाव से खिचड़ी का प्रसाद ग्रहण किया। समिति की यह विशेषता भेदभाव को मिटाकर सभी को एक साथ भोजन के लिए एक मंच पर लाती है, जिसकी स्थानीय लोगों ने खूब सराहना की है। भंडारे में खिचड़ी वितरित करने के पीछे शनिवार की पुरानी परंपरा भी जुड़ी है। भारत के कई हिस्सों में शनिवार को खिचड़ी खाने की परंपरा है, जिसके पीछे धार्मिक, आयुर्वेदिक और व्यावहारिक कारण हैं। इसे सुपाच्य और शनिदेव से जुड़ी मान्यताओं के कारण शुभ माना जाता है। ओबरा में अब यह परंपरा सामुदायिक एकता का प्रतीक बन चुकी है। इस आयोजन को सफल बनाने में श्रीराम सेवा समिति के प्रमुख सदस्यों का सेवा और समर्पण का भाव सराहनीय रहा। समिति के सदस्यों ने एकजुट होकर प्रसाद बनाने से लेकर शांतिपूर्ण वितरण और पूरी व्यवस्था बनाए रखने तक, सभी जिम्मेदारियाँ निभाईं। इस नेक पहल की शुरुआत अजीत सिंह ने की, और उन्हें सहयोग देने वाले अन्य समर्पित सेवकों में शामिल हैं।सरिता सिंह,पुष्पा सिंह,रणजीत तिवारी,
रीता कुमारी,सर्वेश दुबे,ओमप्रकाश सिंह,अरविंद सिंह,आलोक पांडे,इन सभी के प्रयासों से भंडारे का आयोजन सुचारू रूप से संपन्न हुआ और सामाजिक समरसता का भाव मजबूत हुआ।इस बार भंडारे में सहयोग देने वाले रोशन सिंह संकट मोचन झा और श्री राम सेवा समिति की टीम

पत्रकार अजीत सिंह का मानना है कि जब मानव ही मानव की सेवा करेगा, तभी समाज में सच्ची एकता स्थापित हो पाएगी। उनके शब्दों में, यह आयोजन सिर्फ एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को एक साथ लाने और सबको एक का संदेश देने का एक सशक्त माध्यम बन गया है। श्री राम सेवा समिति का यह निरंतर प्रयास क्षेत्र में सामुदायिक सेवा और धार्मिक सौहार्द की भावना को मजबूत करता है। स्थानीय लोगों ने इस निस्वार्थ सेवा कार्य की सराहना करते हुए कहा है कि यह आयोजन सामाजिक एकता और भाईचारे के लिए एक प्रेरणास्रोत है।

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