
नई दिल्ली। दो वर्षों से जारी इज़रायल और हमास के बीच संघर्ष के बीच अब गाज़ा में स्थायी शांति की उम्मीद दिखाई देने लगी है। हाल ही में तैयार हुई शांति योजना के तहत हमास इज़रायल के अंतिम 20 बंधकों को रिहा करने पर सहमत हुआ है, जिसके लिए इज़रायल ने भी पूरी तैयारी कर ली है।
ट्रंप की मध्यस्थता से बढ़ी उम्मीदें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस समय मध्य पूर्व (Middle East) दौरे पर हैं, जहां वे अमेरिका द्वारा प्रस्तावित शांति समझौते और युद्धोत्तर पुनर्निर्माण योजनाओं पर नेताओं से चर्चा कर रहे हैं। इस समझौते के पहले चरण पर सहमति बन जाने के बाद अब गाज़ा में मानवीय सहायता और राहत सामग्री बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
क्या अब समाप्त होगा दो साल पुराना युद्ध?
हालांकि इस शांति योजना ने उम्मीदें बढ़ा दी हैं, लेकिन हमास और गाज़ा के भविष्य को लेकर कई सवाल अभी भी बाकी हैं। फिर भी, बंधकों और कैदियों की अदला-बदली को अब तक के सबसे घातक संघर्ष के अंत की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
तेल अवीव में उत्सुकता और एकजुटता
इज़रायली मीडिया और जनमानस इस समय एक ही मुद्दे पर केंद्रित है — बंधकों की रिहाई। तेल अवीव के “बंधक चौक” में सुबह से ही लोग बड़ी स्क्रीन के सामने इकट्ठा हो रहे हैं। एकजुटता जताने के लिए नागरिकों ने पीले रिबन और पिन लगाए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, सोमवार को 20 जीवित बंधकों को रिहा किया जा सकता है, जिन्हें पहले रेड क्रॉस और फिर इज़रायली सेना को सौंपा जाएगा।
इज़रायल में हैं अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप
व्हाइट हाउस के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप इस समय इज़रायल की राजधानी तेल अवीव में हैं, जहां वे बंधकों के परिवारों से मुलाकात करेंगे और इज़रायली संसद (नेस्सेट) को संबोधित करेंगे। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने संकेत दिया है कि ट्रंप हाल ही में रिहा हुए कुछ बंधकों से भी मिल सकते हैं।
तेल अवीव रवाना होने से पहले एयरफोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा —
“युद्ध अब समाप्त हो चुका है और हमें भरोसा है कि यह युद्धविराम कायम रहेगा।”
शांति शिखर सम्मेलन की तैयारी
मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी के कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, सोमवार को ट्रंप क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय नेताओं के साथ एक शांति शिखर सम्मेलन (Peace Summit) की सह-अध्यक्षता करेंगे। इसमें फलस्तीनी प्राधिकरण के प्रमुख महमूद अब्बास भी शामिल होंगे।
दो साल से जारी था खूनी संघर्ष
गौरतलब है कि हमास-इज़रायल युद्ध को दो वर्ष पूरे हो चुके हैं। यह संघर्ष 7 अक्टूबर 2023 को तब शुरू हुआ था, जब हमास के उग्रवादियों ने दक्षिणी इज़रायल पर हमला किया था। इस हमले में लगभग 1,200 लोग मारे गए और करीब 250 लोगों को बंधक बना लिया गया।
समाचार एजेंसी एपी के अनुसार, गाज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि अब तक इज़रायली हमलों में 67,000 से अधिक फ़लस्तीनी मारे जा चुके हैं। मंत्रालय नागरिकों और लड़ाकों में अंतर नहीं करता, लेकिन अनुमान है कि लगभग आधे मृतक महिलाएं और बच्चे हैं।

